Hindi News

indianarrative

देश विरोधी ताकतों के झुनझुने न बनें मदरसे इसलिए सर्वे और आधुनिकीकरण जरूरी:मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

बीजेपी सरकार तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती

इस बात में जरा भी शक नहीं है उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार मदरसों (madrassa) के कायाकल्प को लेकर सजग है। सरकार ने मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य के सभी जिलाधिकारियों को सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। योगी सरकार के गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वेक्षण कराने के पीछे मकसद मदरसों की शिक्षा व्यवस्था बेहतर करना है। यही नहीं सरकार की कोशिश तो यह भी है कि राज्य में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराकर उन्हें मान्यता प्राप्त के दायरे में लाया जाए। इस बीच अब मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (Muslim National Forum) ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मदरसों के सर्वे कराए जाने का समर्थन करते हुए मदरसे को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर ज़ोर दिया है। मंच के राष्ट्रीय संयोजक माजिद तालिकोटि ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी सरकार तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती है और यही कारण है कि बीजेपी सरकार जनमानस से जुड़े मुद्दों को तरजीह देते हुए नीति निर्धारण का काम करती है।

तालिकोटि (talikoti) ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि मदरसे को पीएफआई, लश्कर, जैश ए मोहम्मद जैसी राष्ट्रविरोधी ताकतों का अड्डा कतई नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वक्त आगया है जब देशविरोधी ताकतों को पूरी तरह उखाड़ फेंका जाए और इसके लिए जरूरी है कि पूरे देश में मदरसों का सफलतापूर्वक सर्वे, उसका आधुनिकीकरण तथा मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाए। मंच के राष्ट्रीय संयोजक ने यह बातें उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मदरसे “मदरसतुल इस्लाह सरायमीर” के प्रांगण में “अलइस्लाह मल्टी स्पेशलिस्ट हास्पिटल” के शिलान्यास के मौके पर कही।

इस मौके पर कई वरिष्ठ चिकित्सक, समाजसेवी, बुद्धिजीवी वर्ग तथा सभी वर्गों और समुदायों से आए लोगों ने देश की एकता, अखंडता, भाईचारे, कौमी इत्तेहाद के तहत मिल कर अस्पताल की नींव रखी तथा देश के चौतरफा विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की शपथ ली। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाक्टर फखरुलइस्लाम ने की, अलाउद्दीन ने इस हस्पिटल के बनने मे आने वाली लागत और दी जाने वाली सुविधाओं समेत अनेक बिन्दुओं पर विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन मौलाना सरफराज इस्लाही मदनी ने किया। शुरुवात “तिलावते कुरआन” से की गयी। विशिष्ठ अतिथि बहरीन की कंपनी के शकील अहमद सबरहती रहे।

राष्ट्रीय संयोजक तालिकोटि ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि संघ, सरकार और संगठन राष्ट्र को विश्वगुरु बनाने के लिए कटिबद्ध है। ऐसे में हम सभी का यह कर्तव्य है कि समाज की बेहतरी के लिए अपने अपने स्तर पर सच्ची लगन और निष्ठा से जी तोड़ प्रयास किए जाएं… और इसी कड़ी में आजमगढ़ की सरजमीं पर एक मदरसे को आधुनिक रूप देते हुए इसके साथ साथ विशाल चिकित्सा केंद्र खोले जाने की शुरुवात हो रही है। साथ ही उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि इस मदरसे के पढ़े लिखे लोग देश ही नहीं विदेशों में डाक्टर, इंजीनियर, वकील समेत अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं।

ये भी पढ़े: लालकिले पर फहराएगा भगवा, तलवारें खनकेंगी-घोड़े दौड़ेंगे-हाथी चिंघाड़ेंगे

तालिकोटि ने मदरसे के आधुनिकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश के सभी मदरसों को सरकार का पूर्णतः साथ देते हुए गंभीरता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को मजबूती तभी मिलती जब समाज अंदर से सबल, सजग, सशक्त होता है। ऐसे में यह जरूरी है कि मदरसे के बच्चे दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा को अपनाएं।

तालिकोटि ने कहा कि दिल्ली में 22 सितंबर को जब संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के वरिष्ठ नेताओं डॉक्टर कृष्ण गोपाल, राम लाल और इंद्रेश कुमार के साथ एक मदरसे का दौरा किया था जहां मदरसे के बच्चों से बड़ी ही सार्थक और भविष्य के लिए जागरूक करने वाली बातें हुई थीं। संघ प्रमुख ने बच्चों से बात चीत के दौरान भारत की चौहद्दी और पड़ोसी देशों के बारे में पूछा था तथा यह भी जानने की कोशिश की थी कि भविष्य में आप लोग क्या बनना चाहते हैं?

संघ प्रमुख की बातों के जवाब में मदरसों के बच्चों ने अपनी अपनी बातें रखते हुए अलग अलग राय रखी। जिसमें किसी ने डॉक्टर, किसी ने साइंटिस्ट, किसी ने आईएएस किसी ने प्रोफेसर बनने की बातें रखी। बच्चों के इन मासूम जवाबों पर संघ प्रमुख ने कहा कि बच्चों आपका यह सपना तभी सफल हो पायेगा जब मदरसों में आधुनिक शिक्षा भी दी जाएगी। तालिकोटि ने कहा कि मोहन भागवत की उन्हीं सीख को बढ़ाते हुए यह अपील करता हूं कि देश के मदरसों को अपने यहां आधुनिक शिक्षा का पूरा प्रबंध करना चाहिए ताकि आज के बच्चे कल का बुलंद भारत बनाने में अपना सम्पूर्ण योगदान दे सकें।