Hindi News

indianarrative

नेपाल बॉर्डर से चीनी घुसपैठ! बिहार पर चीन-पाक की नापाक नजर, ISI बिहार के मुस्लिम युवाओं पर डाल रही डोरे

बिहारी मुसलमानों को ISIS बना रही स्लीपर सेल

भारत में ISIS के आतंकी बिहारी मुसलमानों को स्लीपर सेल बना रहा है। आईएसआईएस के आतंकियों ने नेपाल के रास्ते से भारत में घुसपैठ की है। आंतकियों ने इंडो-नेपाल के सीमाई इलाकों के अलावा बिहार-बंगाल के कुछ इलाकों में वर्ष 2022 में दो सौ से अधिक स्लीपर सेल के सदस्यों के रूप में तैयर करने का टारगेट रखा है। इसकी जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) ने ली है। ये खुफिया जानकारी मिलने के बाद गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी गई है। इसके अलावा हाल के कुछ वर्षों में नेपाल में चीन की दखअंदाजी काफी बढ़ गई है। चीन ने नेपाल में ऐसा लोगों को बैठा रखा है जो भारत विरोधी काम करने वाले संगठन को बढ़ावा दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें- Pakistan अभी पहले आतंकी की लाश उठा नहीं पाया कि इंडियन आर्मी ने मार गिराया दूसरा घुसपैठिया

इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित कुछ संदेहास्पद लोगों की सूची भी एसएसबी के द्वारा गृह मंत्रालय को भेजी गई है। इस तरह की सूचना प्राप्त होने के बाद सीमाई इलाकों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। चप्पे-चप्पे पर एसएसबी जवानों के द्वारा निगरानी रखी जा रही है। नेपाल में बैठे आईएसआई के एजेंट के द्वारा फंडिंग भेजी जाती है। सीमाई इलाके के बेरोजगार और नाबालिक को बहकावे में लेकर स्लीपर सेल के सदस्यों के तौर पर तैयार किया जा रहा है।

आईएसआई के ये एजेंट शुरुआती दिनों में युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं और इसके लिए वो उन्हें सभी तरह की सुविधाएं मुहैया करवाता है। हाल ही में जोगबनी इंट्री ग्रेटेड चेक पोस्ट के समीप पकड़ी गईं उज्बेकिस्तान की युवतियों ने भी जांच एजेंसी को कई तरह की गुप्ता जानकारी दी थी। स्लीपर सेल के सदस्य के रूप में काफी संख्या में अफगानी नागरिक भी सिमाई इलाकों में पिछले कई सालों से एक्टिव रहा है।

दरअसल, ये आतंकी ग्रामीण इलाकों में जाकर रहने और वहां की गरीब लड़कियों से शादी कर काफी आसानी से आईडी भी तैयार करवा लेते हैं। कटिहार से फरार हुए आठ से अधिक अफगानी नागरिकों को पुलिने ने काफी खोजने की कोशिश की लेकिन ये नहीं मिले। लेकिन, खुफिया विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि, कटिहार से फरार हुए अफगानी नागरिक इंडो-नेपाल के सिमाई इलाकों में ही अपनी जगह बान कर रखा है।

यह भी पढ़ें- 'टेररिस्ट को मार दिया है लाश उठा लो' Hotline पर कड़क हिंदुस्तानी आवाज से पाकिस्तानियों की पैंट हो गई पीली

ISIS एजेंट के सरगना काफी मात्रा में नकली भरतीय करेंसी भी नेपाल में स्टॉक कर रखा है। लगभग हर महीने अररिया जिला की पुलिस और एसएसबी के जवान नकली करेंसी को जब्त कर रहे हैं और इन सबका ही कनेक्शन नेपाल से मिलता है। उत्तर भारत के क्षेत्रों में नकली नोट भेजने के लिए सीमांचल के इलाकों का ही उपयोग करता है। इसके साथ ही चीन भी पिछले कुछ सालों ने नेपाल में भारत के खिलाफ एक्टिव है जिसे, देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसी अलर्ट मोड पर है। किसी भी तरह की गुप्त सूचना मिलते ही इसकी रिपोर्ट तुरंत गृह मंत्रालय को भेजी जाती है और उसका फॉलोअप किया जाता है।