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इस राज्य में सरकारी स्कूल बनते जा रहे मदरसे और सो रही है सरकार- जुमे के दिन छुट्टी, नाम भी उर्दू में…

JharKhand के सरकारी स्कूल बनते जा रहे मदरसे

कट्टरपंथी मुसलमानों के चलते आज आम मुस्लिम बदनाम हैं। इन कट्टरपंथी मुसलमानों का काम ही है झूठ बोलकर दंगा-फसाद करना। जनता के सामने चीजों को गलत तरह से पेश कर गुमरान करना। ये कट्टरपंथी चिल्लाते रहते हैं कि इनका इस्लाम खतरे में है और हिंदुस्तान में मुस्लिम सुरक्षित नहीं हैं। तो इन्हें पाकिस्तान के मौलवी मुफ्ती तारिक मसूद का वो वीडियो देखना चाहिए जिसमें उन्होंने कहा है कि, इस्लाम को किसी दूसरे धर्म से नहीं बल्कि, खुद मुसलमानों से खतरा है। कट्टरपंथी खुद इसके जिम्मेदार हैं। मदरसों में क्या पढ़ाया जाता है वो समय-समय पर अच्छे से सामने आता रहता है। कई वीडियो सामने आ चुके हैं जिसमें मदरसों में बच्चों को हिंदुओं के खिलाफ भड़काया जाता है। उन्हें गैर मुसलमानों का जेहाद करने के बारे में कहा जाता है। अब एक और नया मामला सामने आया है जिसमें 33 स्कूलों को जुमे के दिन बंद कराया जा रहा है। इसके साथ ही उन स्कूलों का नाम बदलकर ऊर्दू में कर दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह कि ये सारे सरकारी स्कूल हैं।

ये मामला है झारखंड के दुमका जिले का जहां पर 33 सरकारी स्कूलों की शुक्रवार को जुमे की छुट्टी रहती है। साथ ही इनके नाम में उर्दू भी जोड़ दिया गया है और ये सारे प्राथमिक और मध्य विद्यालय मुस्लिम बहुल इलाके में हैं। हिंदुस्तान में छपी खबरे में बतायाल गया है कि, इन 33 उर्दू नामधारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों को छोड़ कर जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहता है।

ये सारे सामान्य प्राथमिक और मध्य विद्यालय सरकारी स्कूल हैं न की मदरसा। इसमें सारा कुछ तो फिलहाल दूसरे स्कूलों की तरह हिंदी मीडियम में पढ़ाई होती है लेकिन, अगर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो अभी तो सिर्फ स्कूल के आगे उर्दू जोड़ गया है और जुमे की छुट्टी दी जा रही है। आगे चलकर इन स्कूलों में और भी बहुत कुछ होता देखने को मिल सकता है। मुस्लिम बहुल इलाके में चल रहे ये स्कूल रविवार को खुले रहते हैं और शुक्रवार को बंद रहता है। इस स्कूल में सप्ताह की शुरुआत शनिवार से होती है। बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मिल का जो मेन्यू स्कूल की दीवारों में लिखा गया है, उसमें सप्ताह की शुरुआत शनिवार से दिखाया गया है। रविवार को मेन्यू में चावल, दाल व हरी सब्जी के प्रावधान का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही शुक्रावर के दिन वाले कॉलम में छुट्ठी के चलते खाली है।

देखें जिले में कहां-कितने सरकारी उर्दू स्कूल

शिकारीपाड़ा- 10

जामा- 2

जरमुंडी- 2

सरैयाहाट- 7

रानेश्वर- 8

काठीकुंड- 2

दुमका- 2

हालांकि, इस खबर के सामने आने के बाद झारखंड प्रशासन के कानों में जूं रेंगनी शुरू कर दी है और जिल शिक्षा अधीक्षक संजय कुमार दास ने कहा है कि, जिले के सभी प्रखंडों के बीईईओ से प्रतिवेदन मांगा गया है। किस परिस्थिति में स्कूलों का नाम परिवर्तित कर उर्दू किया गया है और किसके आदेश से स्कूलों में साप्ताहिक छुट्टी शुक्रवार को घोषित है, इसकी रिपोर्ट हर प्रखंड से मंगाई जा रही है। उन्होंने कहा है कि, रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाएगी और साथ ही दोषियों पर कार्वारई की जाएगी।