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#NavneetKaurRana महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल लाने वाली शेरनी, उद्धव ठाकरे की कांप रही हैं टांगे

महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल लाने वाली शेरनी Navneet Rana

Hanuman Chalisa Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त सांसद नवनीत कौर राणा का नाम खुब चर्चा में है। नवनीत राणा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवाज 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया है। उसके बाद से यह मुद्दा एक बार फिर से गरमा गया है। अमरावती से सांसद नवनीत राणा के ऐलान के बाद से महाराष्ट्र में सियासी पारा एक बार फिर बढ़ गया है। उनके इस ऐलान के बाद शिवसैनिकों में गुस्सा है और उन्होंने शनिवार शुबह नवनीत राणा के घर के बाहर खूब हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर अंदर घुस आए। इस हंगामे के बाद नवनीत राणा ने कहा है कि, मैं नीचे भी जाऊंगी, गेट के बाहर भी जाऊंगी, मुझे कोई रोक नहीं सकता है। अगर मुझ पर कोई हमला होता है तो उसकी जिम्मेदारी सीएम की होगी।

अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत कौर राणा निर्दलीय विधायक रवि राणा की पत्नी हैं। वो राजनीति में आने से पहले एक एक्ट्रेश थी और उन्होंने साउथ के कई फिल्मों में काम किया है। मुंबई में 1986 को जन्मी नवनीत राणा मूल रूप से पंजाब की रहने वाली हैं। नवनीत राणा ने तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी और हिंदी फिल्मों में काम किया है। लेकिन उनको पहचान तेलुगु फिल्मों से ज्यादा मिली। उन्होंने 2011 में महाराष्ट्र के अमरावती के बदनेरा से विधायक रवि राणा से एक सामूहिक विवाह मंडप में शादी की थी। उनके पति योग गुरु बाबा रामदेश के रिश्ते में भजीते लगते हैं। शादी के बाद नवनीत राषा ने राजनीति में कदम रखने का फैसला लिया और वर्ष 2014 में NCP के टिकट से वो अमरावती संसदीय सीट मैदान में थीं लेकिन उन्हें शिवसेना उम्मीदवार से आनंदराव अदसुल से हार का सामना करना पड़ा था।

इसके बाद 2019 में उन्होंने लोकसभा चुनाव में फिर से आमरावती संसदीय सीट से युवा स्वाभिमाननी पक्ष ((YSP) जिसका गठन उनके पति और उन्होंने किया है) उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और उन्हें इसमें जीत हासिल हुई। हालांकि, कहा जाता है कि, उन्हें तब एनसीपी और कांग्रेस का बाहरी समर्थन मिला था। उनके ऊपर नामांकन भरने के दौरान गलत जाति प्रमाणपत्र भरने का आरोप लगा और 2021 में 8 जून को बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में 2 लाख रुपए का जुर्माना ठोक दिया। लेकिन, जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो उन्हें बड़ी राहत मिली।