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India-US के पास China को काबू करने का सही वक्त! हाथ लगी सबसे बड़ी कमजोरी

Shortage Of 200 Trained Fighter Pilots in China

Fighter Pilots Shortage in China: ताइवान (Taiwan) को हड़पने के लिए चीन लगातार नई-नई रणनीति बना रहा है। सैन्य अभ्यास कर रहा है, दुनिया को धमकी दे रहा है। लेकिन, असल में अंदर से तो ड्रैगन पूरी तरह से खोखला है। दुनिया के सामने कुछ और अंदर से कुछ और है। इस वक्त आलम यह है कि, चीन को फाइटर जेट्स (Fighter Pilots Shortage in China) उड़ाने के लिए पायलट ही नहीं मिल रहा है। नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद से ही चीन आक्रामक हो गया है। चीन लगातार अमेरिका (China vs America) को धमकी दे रहा है कि ताइवान से वो दूर रहे। ताइवान के आसपास यहां तक कि उसके इलाकों में घुसकर चीन सैन्य अभ्यास कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है। कारें ढोंने वाली जाहजों से चीनी सैनिंग ताइवान में घुसने की ट्रेनिंग कर रहे हैं। इन सब के बीच चीन पायलट (Fighter Pilots Shortage in China) वाली परेशानी से घिरा हुआ है। अब जब पायलट ही नहीं होंगे तो फाइटर जेट उड़ायेगा कौन?

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चीन के पास फाइटर तो हैं लेकिन उड़ाएगा कौन?
चीन फाइटर जेट्स से लेकर एयरक्राफ्ट कैरियर पर तेजी से काम कर रहा है। लेकिन, ड्रैगन बेहतरीन और प्रशिक्षित फाइटर पायलट्स की कमी से गुजर रहा है। इसी साल जून में चीन की नौसेना ने दो एयरक्राफ्ट कैरियर को कमीशन किया है। साथ ही एक एयरक्राफ्ट कैरियर लॉन्‍च होने वाला है। चीनी नौसेना अब उस पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम में तेजी लाना चाहती है जिसके बाद अच्‍छे पायलट्स तैयार किए जा सकेंगे। इस संकट के बारे में उस समय दुनिया को जानकारी मिली जब ऑर्डनेंस इंडस्‍ट्री साइंस टेक्‍नोलॉजी की तरफ से एक आर्टिकल जारी किया गया। यह एक चाइनीज मिलिट्री मैगजीन है।

ड्रैगन के पास पायलट ही नहीं
पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी नेवी (PLAN) को अपने फाइटर जेट्स के लिए इस वक्त वो पायलट्स नहीं मिल रहे हैं जो एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए बने हैं। चीन ने जे-15 जेट्स को खासतौर पर इन एयरक्राफ्ट कैरियर्स के लिए बनाया है। अब चीन कैरियर बेस्‍ड फाइटर जेट पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम में तेजी लाने की तैयारी कर रहा है। एक दशक में यह पहला मौका है लब चीन इस समस्‍या से गुजर रहा है। चीन का सबसे पहला एयरक्राफ्ट कैरियर लियाओनिंग था। लेकिन एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए खास पायलट्स की कमी ने इसकी प्रगति में रुकावट आ गई। फुजियान, चीन का तीसरा और सबसे एडवांस्‍ड एयरक्राफ्ट कैरियर है और पिछले हफ्ते ही इसके सी-ट्रायल्‍स शुरू हुए हैं। पीएलए को कम से कम 200 ऐसे पायलट्स की जरूरत है जो 130 ऐसे जेट्स को एयरक्राफ्ट कैरियर से ऑपरेट कर सकें। चीन के नेवी विशेषज्ञ ली जेई ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट को इस बात की जानकारी दी है।

अमेरिका की बराबरी करना चाहता है चीन
कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि, चीन की योजना अमेरिका के बराबर ही अपनी नौसेना को ताकतवर बनाने का है। इसके लिए वह ज्‍यादा से ज्‍यादा एयरक्राफ्ट कैरियर्स को लॉन्‍च करने के लिए तैयार हो चुका है। ड्रैगन का एयरक्राफ्ट कैरियर फुजियान एडवांस्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापुलेस्ट से लैस है, बिल्लुक वैसे ही जैसे US नेवी के सुपरकैरियर गेराल्ड आर फोर्ड में भी दिए हैं। चीन के पहले दो कैरियर्स स्की जंप डिजाइन के साथ हैं। ऐसे में नौसेना को नए एयरक्राफ्ट के लॉन्च और रिकवरी सिस्टम में मास्टर होना होगा। एयरक्राफ्ट कैरियर पर पायलट की ट्रेनिंग और एयरक्राफ्ट की डिजाइन सबसे चुनौतीपूर्ण काम है।

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हर एक-दो महीने के अंदर चीन लॉन्च कर रहा वॉरशिप
ली के मुताबिक इसमें दुनिया की सबसे जटिल टेक्‍नोलॉजी शामिल होती है जो कोई किसी के साथ शेयर नहीं करता है। रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो चीन बहुत तेजी से एयरक्राफ्ट कैरियर्स को तैयार करने में लगा है। जबकि उसे जे-15 कैरियर बेस्‍ड फाइटर जेट्स पर अभी बहुत काम करना है। इन जेट्स को एयरक्राफ्ट कैरियर्स पर तैनाती के लिए बहुत वजनी करार दिया गया है। चीन नौसेना को काफी तीव्र गति से मॉर्डनाइज करने में लगा है। हर एक या दो महीने के अंदर चीन वॉरशिप को लॉन्‍च कर रहा है।