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रूस-यूक्रेन जंग के बीच China ने चली अपनी चाल, भागे-भागे Taiwan पहुंचे अमेरिकी अधिकारी

यूक्रेन पर रूस के Attack के बाद China भी एक्शन में

यूक्रेन पर हमले के बाद से ही रूस लगातार आगे बढ़ रहा है और एक-एक शहरों पर कब्जा जमा रहा है। अमेरिका, नाटो और बाकी यूक्रेन समर्थक देश लगातार रूस पर दबाव बना रहे हैं और कड़े से कड़े प्रतिबंध लगा रहे हैं। लेकिन रूस ने अपनी सारी तैयारियां पहले से ही कर रखी थी जिससे उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। उलट आलम यह है कि रूस ही अमेरिकी और नाटो देशों पर हवाई यात्राओं को निरस्त करते हुए प्रतिबंध लगा रहा है। इस बीच चीन भी एक्टिव हो गया और ताइवान पर हमला करने के लिए उग्र हो रहा है। जिसे देखते हुए अमेरिका प्रतिनिधिमंडल ताइवा का दौरा करेंगे।

अमेरिका के पूर्व रक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ताइवान जाएगा। ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के पूर्व अध्यक्ष माइकल मुलेन पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जो मंगलवार को यहां पहचेंगा और दो दिवसीय यात्रा के दौरान ताइवान के राष्ट्रपति साई इंग वेन और अन्य अधिकारियों संग मुलाकात करेगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस प्रतिनिधिमंडल के अलावा अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ बुधवार को ताइवान पहुंचेंगे। केंद्रीय खुफिया एजेंसी के पूर्व अध्यक्ष पोम्पिओ भी साई से मुलाकात करेंगे और शनिवार को यहां से रवाना होने से पहले एक मंच को संबोधित करेगे। मंत्रालय ने बताया, पूर्व विदेश मंत्री पोम्पिओ की यात्रा ताइवान के लिए अमेरिका के मजबूत सहयोग के प्रति उसके पूर्ण द्विदलीय सहयोग को दर्शाती है।

जब से रूस ने यूक्रेन पर हमला किया है तब से ही चानी भी ताइवान पर कब्जा करने के लिए उतावला हो रहा है और कहा जा रहा है कि ड्रैगन बल का भी प्रयोग कर सकता है। ताइवान एक गृह युद्ध के बाद साल 1949 में मुख्य चीनी भूभाग से राजनीतिक रूप से अलग हो गया था। लेकिन चीन ताइवान पर अपना दावा करता है। यहां तक की बीते साल से ड्रैगन ताइवान में घुसपैठ तेज कर दिया है।