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ड्रैगन की नई चाल या सच में भारत संग सुधारना चाहता है रिश्ते! PM Modi को मनाने चीनी विदेश मंत्री आएंगे India

भारत संग रिश्ते सुधारना चाहता है चीन

पिछले दो सालों से चीन और भारत के बीच रिश्ते में कड़वाहट आ गई है। इसके पीछे कार है गलवान वैली। दरअसल, चीन पूर्वी लद्दाख में भारत के सिमाओं में घुसकर अंदर चला आया था जिसे भारतीय जवानों ने खदेड़ दिया था। इसी के बाद से दोनों देशों के सैनिक आमने सामने हैं। इस खून संघर्ष में भारत के 20 सिपाही शहीद हुए तो चीन के 40 से भी ज्यादा। चीन ने इतने बड़ झटके के बारे में कभी सोचा नहीं था। कई दौरे की बातचीत को लेकर अब चीन अचानक से भारत संग रिश्ते मजबूत कनरे में जुटा हुआ है।

मीडिया में आ रही खबरों की माने तो, 24 मार्च के करीब चीनी विदेश मंत्री वांग यी भारत दौरे पर आ सकते हैं। इसके बाद भी कई दौरे प्रस्तावित हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि चीन अब भारत संग संबंध सुधारने की कोशिश करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि, चीन द्विपक्षीय बातचीत को शुरू करने और चीन में ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन के लिए मंच तैयार करने के लिए दिल्ली से बेहतर संबंध चाहता है। यही कारण है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी मार्च आखिर में भारत दौरे पर आ रहे हैं।

एक ओर यू्क्रेन और रूस के बीच छिड़ी जंग को देखते हुए भी दुनिया के कई देश यह कह रहे हैं कि, चीन भारत संग रिश्ते मजबूत कर अपने फायदे के बारे में सोच रहा है। रूस के चीन और भारत दोनों ही खास रहे हैं। लेकिन, चीन और भारत के बीच अक्सर सीमा को लेकर विवाद बना रहता है। चीन लगातार भारत की सीमाओं में घुसकर हड़पने के चक्कर में रहता है और इसी को लेकर हमेशा से विवाद होता रहता है।

वांग यी के भारत दौरे के बारे में बात करें तो, एक मीडिया रिपोर्ट में यह बताया गया है कि, उनके बाद चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के टॉप पोलित ब्यूरो के सदस्य भारत का दौरा करेंगे। इसके साथ ही चीन ने दोनों देशों में 'भारत-चीन सभ्यता संवाद' आयोजित करने का प्रस्ताव भी दिया है। बीजिंग की ओर से भारत-चीन व्यापार, निवेश सहयोग मंच और भारत-चीन फिल्म फोरम का भी प्रस्ताव रखा गया है। लेकिन चीन का अंतिम मकसद पीएम मोदी को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मेजबानी करना है। इसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी भाग लेंगे। ब्रिक्स सम्मेलन के साथ ही चीन को इस साल RIC (रूस-भारत-चीन) सम्मेलन की भी अध्यक्षता करनी है।