ताइवान को चार ओर से घेर कर चीन सेनाओं ने शुरू की घातक वॉर ड्रिल, ताइपे पर दाग सकता है मिसाइल, दहशत में दुनिया

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ताइपे पर चीन दाग सकता है मिसाइल

अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव नेंसी पेलोसी की ताइवान की सफल यात्रा से चीन बुरी तरह बौखला उठा है। उनकी यात्रा से पहले चीन लगातार अमेरिका को धमकी दे रहा था कि, आग से वो न खेले। इसके साथ चीन लगातार यह भी धमकी दे रहा था कि पेलोसी ने अगर ताइवान में कदम रखा तो वो हमला कर सकता है। लेकिन, नेंसी पेलोसी ने ताइवान न सिर्फ पहुंची बल्कि ताइपे से चीन को कई सारी चेतावनियां भी दी। इसके बाद से चीन-अमेरिका के बीच टकराव अब और भी ज्यादा बढ़ गया है। इस बीच ताइवान को चार ओर से घेर कर चीनी सेना ने घातक वॉर ड्रिल करना शुरू कर दिया है। दुनिया इस वक्त दहशत में है कि, कही ड्रैगन ताइपे पर मिसाइल न दाग दे। क्योंकि, खबरों की माने तो चीन किसी भी वक्त ताइपे पर मिसाइल दाग सकता है।

चीन की आर्मी ने ताइवान की सीमाओं की घेराबंदी की है और 4 से 7 अगस्त तक सैन्य अभ्यास शुरू करने का ऐलान किया है। कहा जा रहा है कि, इस दौरान चीन कई ऐसे मिसाइल हमला करेगा जिसकी उम्मीद शायद ताइवान को भी नहीं है। एक रिपोर्ट की माने तो, मंगलवार शाम को शुरू हुए सैन्य अभ्यास में चारों ओर से नाकाबंदी, समुद्री हमला और भूमि और हवाई युद्ध प्रशिक्षण शामिल है। इसमें जे-20 स्टील्थ फाइटर जेट और डीएफ -17 हाइपरसोनिक मिसाइल सहित कई खतरनाक हथियारों का भी उपयोग किया जाएगा। चीन ने बुधवार को कहा कि वह एक-चीन नीति का उल्लंघन करने को लेकर अमेरिका और ताइवान के खिलाफ कठोर एवं प्रभावी जवाबी कदम उठाएगा।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा है कि, हम वही करेंगे जो हमने कहा है। कृपया थोड़ा धैर्य रखें। ताइवान को चीन अपना हिस्सा मानता है। यह पूछे जाने पर कि क्या चीन अमेरिकी नेता पेलोसी के साथ-साथ राष्ट्रपति त्साई इंग वेन जैसे ताइवानी नेताओं के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है, चुनयिंग ने कहा, हम वही करेंगे जो हमने कहा है। ये उपाय कठोर, प्रभावी और दृढ़ होंगे।

बता दें कि, ताइवान पर हमले की रणनीति चीन बहुत पहले से ही बना रहा है। लेकिन, रूस-यूक्रेन जंग के बाद वो और भी ज्यादा आक्रामक हो गया है। यह भी रिपोर्टें आ चुकी हैं कि, चीन रूस और यूक्रेन युद्ध से सीख ले रहा है और इसमें रूस वाली गलतियों से वो अपने आप को तैयार कर रहा है। लेकिन, चीन का यह कदम इतना आसान नहीं होगा। क्योंकि, उसके सामने दुनिया का महाशक्तिशाली देश अमेरिका खड़ा है और अमेरिका के साथ पूरा पश्चिमी देश। ऐसे में चीन के लिए ये कदम उसकी तबाही लिख सकती है।