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Putin के सिर्फ एक कदम से यूरोप में मचा हाहाकार, भीषण मंदी का सताने लगा डर

Gas Supply Disrupted in Europe

Gas Supply Disrupted in Europe: यूक्रेन पर हमला करने के बाद से ही रूस पर पश्चिमी देश कड़े से कड़ा प्रतिबंध लगा रहे हैं। शुरुआत में अमेरिका और पश्चिमी देशों ने जब रूस पर प्रतिबंध लगाना शुरू किया तो उन्हें नहीं पता था कि, एक दिन इस आग में रूस नहीं बल्कि वो खुद जलने लगेंगे। इस वक्त यूरोप में कई देशों की हालत खस्ता हुई पड़ी है। खासकर ब्रिटेन और जर्मनी (Gas Supply Disrupted in Europe) में तो गैस की सप्लाई बधित होने के चलते हाहाकार मच गया है। रोजमर्रा की जिंदगी में तूफान आ गया है। फिलाहल यूरोपीय देश जैसे-तैसे करके अपना काम चला रहे थे, लेकिन अब आगे की गाड़ी चल पाना मुश्किल हो गया है। इससे यूरोपीय देशों (Gas Supply Disrupted in Europe) में अफरातफरी मची है। रूस ने इन सबका वजह अमेरिका और ब्रिटेन समेत यूरोप देशों को बताया है।

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रूस से गैस सप्लाई बंद होने के बाद ब्रिटेन और जर्मनी ऊर्जा संकट की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। ब्रिटेन में अब तक बिजली के बिल लगभग 80% तक बढ़ गए है। सऊदी अरब के बाद रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ऑयल सप्लाई करने वाला देश है। रूस दुनिया भर में नैचुरल गैस का सबसे बड़ा निर्यातक है। रूस-यूक्रेन वॉर से पहले यूरोपीय देश 40% गैस रूस से ही खरीदते थे। वहीं यूरोप को 30% तेल की सप्लाई भी रूस से होती थी।

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रूस ने कहा है कि यूक्रेन से साथ युद्ध के चलते अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने उसके ऊपर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। ऐसे में पाइपलाइन के रखरखाव संबंधी सामान नहीं मिल पा रहे हैं। इसलिए यह दिक्कत हुई है। बताते चलें कि, यूरोपीय संघों को गैस की आपूर्ति रूस के जरिये ही की जाती है। लेकिन, अमेरिका और यूरोप की ओर से खुद पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जाने के बाद रूस ने यूरोपीय देशों को गैस की आपूर्ति करना ठप कर दिया। इससे पूरे यूरोप में हालात बिगड़ने लगे हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा था कि, अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का यह नतीजा है। रूसी कंपनियों पर प्रतिबंध नहीं लगे होते तो यह हाल नहीं रहता।