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20 साल पहले जैसा ही बर्बर है Taliban, 4 अफगान कमाण्डरों को फांसी पर लटकाया, सरेआम हाथ काटे

तालिबान का बर्बर चेहरा, 4 अफगान कमाण्डरों को फांसी पर लटकाया (File Photo)

अफगानिस्तान में अभी तालिबान की सरकार बनी नहीं है और वादा खिलाफी की बर्बर तस्बीरें सामने आने लगी हैं। तालिबान के प्रवक्ता जबीहउल्लाह मुजाहिद ने 17 अगस्त की शाम को कहा था कि तालिबान बदल गया है। तालिबान की अब किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। न अफगानिस्तान के अंदर और न अफगानिस्तान के बाहर। जबीहउल्लाह का ये बयान बुधवार को ही झूठा साबित हो गया है।

काबुल से स्पोर्ट्स स्टेडियम में तालिबान ने चार अफगान कमाण्डरों को सरे आम फांसी पर लटका दिया। इसके अलावा तालिबान का विरोध कर रहे निहत्थे लोगों पर फायरिंग कर 5 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। तालिबान ने कुछ जर्नलिस्टों को पकड़ कर सरेबाजार उनकी बेइंताह पिटाई की। उनके बाल काटे गए और बेइज्जत किया गया।

तालिबान ने काबुल एयरपोर्ट पर एंटी एयरक्राफ्ट गन तैनात कर दी और काबुल एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहे अफगानियों पर अंधाधुंद फायरिंग की है। सही जानकारियां न मिलने के कारण हताहतों की संख्या पता नहीं चली है। काबुल के स्टेडियम में जिन चार अफगान कमाण्डरों को फांसी दी गई है उनमें कमाण्डर हाशिम रेगवाल भी शामिल हैं। हामिद रेगवाल तालिबान के कट्टर दुश्मन थे। तालिबान ने उन्हें धोखे से गिरफ्तार किया और फांसी पर लटका दिया।

तालिबान की बर्बरता का एक वीडियो और सामने आया है। इस वीडियो में चोरी के कथित आरोपी पर तालिबान कोड़े बरसा रहा है। आरोपी तालिबानियों से दया की भीख मांगता रहा, गिड़गिड़ाता रहा लेकिन क्रूर तालिबानियों को उसपर जरा भी दया नहीं आई और कोड़े बरसाने के बाद भी जब तालिबानियों का दिल नहीं भरा तो उन्होंने उसका हाथ ही काट दिया।