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अब इस खजाने पर चीन की बुरी नजर? अगर कर लिया कब्जा तो विश्व पर करेगा राज

जमीन में 10 किमी गहरा छेद कर रहा चीन

आज चीन (China) पूरी दुनिया के मार्केट पर कब्जा कर रहा है। उसने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में महारात हासिल की है। चीन दुनिया के हर देश में घुसकर वहां पर अपनी घुसपैठ करना चाहता है। इसके अलावा बीआईरी प्रेजेक्ट के चहत चीन कई देशों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है साथ उन देशों को बरबाद भी कर रहा है। दुनिया में जहां भी किसी भी तरह का खजाना दिखेगा चीन की नजर वहां जरूर होगी। इस वक्त ड्रैगन की भविष्य के खजाने पर है। जिसके लिए अब चीन के वैज्ञानिक पृथ्वी के अंदर 10000 मीटर गहरा छेद कर रहे हैं। इसका मकसद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश के लिए पृथ्वी की सतह के ऊपर और नीचे नई सीमाओं की खोज करना है।

धरती में 10 किमी गहरा छेद कर रहा चीन

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, चीन के अब तक के सबसे गहरे बोरवेल के लिए ड्रिलिंग देश के तेल समृद्ध प्रांत शिनजियांग में मंगलवार को शुरू हुई। इससे पहले सुबह में चीन ने अपना पहला अंतरिक्ष यात्री गोबी रेगिस्तान से अंतरिक्ष के लिए रवाना किया। पृथ्वी पर सबसे गहरा मानव निर्मित छेद अभी भी रूसी कोला सुपरडीप बोरहोल है। यह छेद 20 साल की ड्रिलिंग के बाद 1989 में 12,262 मीटर (40,230 फीट) की गहराई तक पहुंच गया था।

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वहीं रिपोर्ट के अनुसार, जमीन में पतले शॉफ्ट 10 से अधिक महाद्वीपीय परतों या चट्टानी परतों में छेद करेंगे और अर्थ क्रस्ट में क्रेटेसियस सिस्टम तक पहुंच जाएगा। अर्थ क्रस्ट में पाए जाने वाले चट्टान की उम्र 145 मिलियन वर्ष बताई जा रही है। चाइनीज एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के वैज्ञानिक सन जिनशेंग ने सिन्हुआ को बताया कि ड्रिलिंग प्रोजेक्ट में आने वाली मुश्किलों की तुलना दो पतले स्टील के केबलों पर चलने वाले बड़े ट्रक से की जा सकती है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2021 में देश के कुछ प्रमुख वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए पृथ्वी की गहराई में खोजबीन करने का आह्वान किया था। इस तरह के काम खनिज और ऊर्जा संसाधनों की खोज में मदद कर सकते हैं।