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Taxpayers को बड़ी राहत! GST फाइल करने वालों के लिए मोदी सरकार लाई गजब की स्कीम, ऐसे उठाएं फायदा

सरकार ने Taxpayers को दी बड़ी राहत! माफ किया लेट फीस और पेनाल्टी

जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यवसायियों को सरकार ने राहत दी है। टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए सरकार GST फाइल करने का एक और मौका दे रही है। साथ ही सरकार इसके लिए एक माफी योजना चला रही है जिसके तहत व्यवसायी 1अगस्त के पहले अपना टैक्स दाखिल कर सकते हैं। अगर इस तारीख तक भी आपने जीएसटी फाइल नहीं किया तो आप पर 10हजार मासिक जुर्माना लग सकता है।

सरकार लाई यह योजना

दरअसल, देश में लाखों व्यवसायियों ने आज तक जीएसटी रिटर्न नहीं भरा है या एक-दो बार भर कर छोड़ दिया है। ऐसे ही लोगों के लिए भारत सरकार ने एक स्कीम का ऐलान किया है। ऐसे व्यवसायी, जिन्होंने साल 2017से अब तक निबंधन तो कराया है, लेकिन अभी तक एक भी रिटर्न नहीं भरा है या एक-दो रिटर्न भर कर छोड़ दिया है, वैसे लोगों को भारत सरकार एक आखिरी मौका दे रही है। एमनेस्टी यानी माफी योजना के तहत इन व्यावसायियों को  अगस्त महीने से पहले तक का मौका दिया गया है।

ऐसे उठाएं इस योजना का लाभ

देश में कई छोटे-छोटे व्यवसायी हैं, जिसका जीएसटी नबंधन तो है लेकिन उन्होंने अब तक रिटर्न नहीं भरा है। सरकार अब ऐसे लोगों पर सख्त हो गई है। ऐसे लोगों को अब भारी जुर्माला का सामना करना पड़ सकता है। अधिकतम 10हजार प्रतिमाह जुर्माना देना पड़ सकता है। सरकार की माफी योजना के तहत अब इन व्यवसायियों को 1अगस्त तक का समय दिया गया है अगर तब तक इन्होनें जीएसटी नहीं भरा तो उन्हें हर महीना 10हजार रुपये तक जुर्माना भर पड़ सकता है।

जमा करें अपना आवेदन

देश के सभी राज्यों के राज्य कर आयुक्त और संयुक्त आयुक्त के मुताबिक, भारत सरकार के एमनेस्टी योजना के तहत व्यवसायी एक अगस्त से पहले इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो व्यवसायी जीएसटी नंबर लेकर व्यवसाय नहीं किए तो उन्हें हर महीने 500रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। अगर व्यवसायी जीएसटी नंबर लेकर व्यवसाय भी कर चुके हैं और जीएसटी रिटर्न नहीं भरे हैं तो उनको 1000रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है।

बता दें कि एक जीएसटी अधिकारी के मुताबिक, ऐसे व्यवसायी, जिन्होंने जीएसटी लागू होने के बाद अपना रजिस्ट्रेशन कराया है लेकिन रिटर्न नहीं भरा है और उनका व्यवसाय बंद भी हो गया या उनका रजिस्ट्रेशन रद्द हो चुका है उन्हें भी हर हाल में रिटर्न दाखिल करना पड़ेगा। ये व्यवसायी एमनेस्टी योजना का लाभ लेकर जुर्माने से बच सकते हैं।