दुनिया के लिए खतरे की घंटी- 6 महीने में ही बेअसर हुई ये Vaccine- देखिए आपने कौन सी लगवाई हैं

Antibodies_reduced_by_up_to_80_percent_in_6_months_of_Pfizer.webp

इस Corona Vaccine ने बढ़ाई चिंता

कोरोना महामारी के खिलाफ इस वक्त दुनियाभर में तेजी से वैक्सीनेसन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वैक्सीन लेने के बाद कोरोना का खतरा लगभग कम हो जाता है लेकिन अब नई चिंता बढ़ाने वाली रिपोर्ट सामने आई है जिसमें एक नामी वैक्सीन को लेकर कहा जा रहा है कि, 6 महीने में ही इस वैक्सीन का असर कथ्म हो जा रहा है और 80 फीसदी तक एंटीबॉडी कम हो जा रही है, जिसके बाद एक नई चिंता सताने लगी है।

दरअसल, अमेरिकी स्टीडी में फाइजर टीके को लेकर यह दावा किया गया है। फाइजर टीके द्वारा बनी कोविड-19 एंटीबॉडी नर्सिंग होम के वरिष्ठ निवासियों और उनकी देखभाल करने वालों में दूसरी डोज देने के छह महीने बाद 80 प्रतिशत से अधिक कम हो गई। अमेरिका में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी और ब्राउन यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में की गई स्टडी में नर्सिंग होम के 120 निवासियों और 92 स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों के रक्त के नमूनों पर स्टडी किया।

स्टडी करने वालों ने विशेष रूप से ह्यूमोरलर इम्युनिटी को देखा, जिसे एंटीबॉडी-मध्यस्थता प्रतिरक्षा भी कहा जाता है, ताकि सार्स-सीओवी-2 वायरस के खिलाफ शरीर की सुरक्षा को मापा जा सके, जिससे कोविड-19 होता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि, इसे प्रीप्रिंट सर्वर मेडआर्काइव पर पोस्ट किया गया है। अध्ययन के अनुसार इससे पता चला है कि, छह महीने के बाद व्यक्तियों के एंटीबॉडी का स्तर 80 प्रतिशत से अधिक कम हो गया। जो काफी चिंता का विषय है।

रिसर्चरों के मुताबिक, 76 वर्ष की औसत आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों और 48 वर्ष की औसत आयु वाले देखभाल करने वालों में परिणाम समान थे। केस वेस्ट्रन रिजर्व यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड कैनेडे ने कहा है कि, टीकाकरण के छह माह बाद इन नर्सिंग होम के 70 फिसदी निवासियों के रक्त में कोरोना वायरस संक्रमण को बेअसर करने की क्षमता बहुत कम थी। उन्होंने कहा कि, परिणाम रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र की बूस्टर खुराक लेने की सिफारिश का समर्थन करते हैं, खास कर बुजुर्गों के लिए।