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वाराणसी में धनवंतरी चलंत अस्पताल का शुभारंभ

वाराणसी में धनवंतरी चलंत अस्पताल का शुभारंभ

<p dir="ltr">केंद्रीय कौशल विकास मंत्री महेंद्र नाथ पांडे एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने संयुक्त रूप से वाराणसी के लिए मोबाइल लैब लबाइक (धनवंतरी चलंत अस्पताल) का वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।</p>
<p dir="ltr">गांव एवं शहरों में घूम-घूम कर ऑन द स्पॉट मोबाइल लैब लबाइक 76 प्रकार के ब्लड जांच एवं टेली-मेडिसिन की सुविधा प्रदान करेगी। कोरोना संक्रमण काल में लोगों के लिए चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। आईसीएमआर से अधिकृत पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसका शुभारंभ किया गया है।</p>
<p dir="ltr">इसके पहले भागलपुर एवं बक्सर में हाल ही में इस सुविधा का शुभारंभ हुआ है। इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। कोरोना काल में इस तरह की सुविधा उपलब्ध होने से जनता को काफी लाभ मिलेगा। इसमें ब्लड जांच की सुविधा के साथ-साथ टेलीमेडिसिन की भी व्यवस्था की गई है। जिसके माध्यम से एम्स पटना के विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑन द स्पॉट चिकित्सीय परामर्श भी लिया जा सकता है।</p>
<p dir="ltr">केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बेहतर किफायती स्वास्थ्य सेवा देने के लिए केंद्र सरकार कटिबद्ध है। कोरोना संक्रमण काल में किसी को भी किसी तरह की परेशानी ना हो इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने टेलीमेडिसिन को बढ़ावा देने का काम किया है। यह मील का पत्थर साबित होगा। कोरोना काल में बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में जाने से डरते हैं। मौजूदा समय में मोबाइल लाइव एवं टेलीमेडिसिन की सुविधा बहुत ही जरूरी है और इसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी।</p>
<p dir="ltr">सभी मरीजों का रिकार्ड  ट्रिपल आईटी भागलपुर के विशेष सर्वर एवं मुख्य डाटा सेंटर पर भी संरक्षित होगा।  जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य सरकार भी 24 घंटे देख सकता है। मरीज को चिकित्सा पूर्जा का हार्ड कॉपी भी प्रिंट मिलेगा और जो मरीज अपने मोबाइल नंबर पर यह विवरण चाहते हैं, उन्हें व्हाट्सएप्प या ईमेल भी भेज दिया जाएगा।</p>
<p dir="ltr">यह सभी कार्य रियल टाइम यानी कि बिना रुकावट त्वरित होगा। जिसे कोई भी अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्य मंत्रालय उसी समय देख भी सकेगा। कार्यकारी एजेंसी ऑलसोल टेक्नोलॉजी  एक्युस्टर टेक्नोलॉजीस की आईटी टीम की पैनी नजर होगी।</p>.