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Bijapur Naxal Encounter: नक्सली हमले में 22 जवान शहीद, एक जवान अब भी लापता, सर्च ऑपरेशन जारी

22 Jawans Martyr in Bijapur Encounter

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद अब तक 22 जवानों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इस मामले में कुल 32 जवान घायल हुए हैं, जिसमें 25 जवानों का इलाज बीजापुर अस्पताल में चल रहा है। वहीं, एक जवान अब भी लापता हैं। पुलिस के मुताबिक 9 नक्सली के मारे जाने की दावा की जा रही है।

शुक्रवार की रात बीजापुर और सुकमा जिले से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन, डीआरजी और एसटीएफ के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। नक्सल विरोधी अभियान में बीजापुर जिले के तर्रेम, उसूर, सुकमा जिले के मिनपा और नरसापुरम से लगभग दो हजार जवान शामिल थे। मुठभेड़ को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बातचीत कर हालात की जानकारी ली और सीआरपीएफ महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल छत्तीसगढ़ जाएं। शहीद जवानों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि उनके बलिदान को कभी भुला नहीं पाएगा। हम शांति और विकास के दुश्मनों से लगातार लड़ते रहेंगे।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि शनिवार को दोपहर लगभग 12 बजे बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा पर सुकमा जिले के जगरगुंड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोनागुड़ा गांव के करीब नक्सलियों की पीएलजीए बटालियन और तर्रेम के सुरक्षा बलों के मध्य मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ तीन घंटे से अधिक समय तक चली।

प्रधानमंत्री ने जताया शोक

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाकर्मियों के शहीद होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि, "मेरी संवेदनाएं छत्तीसगढ़ में माओवादियों से लड़ते हुए शहीद होने वाले जवानों के परिवारों के साथ हैं. वीर शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है."