Akshaya Tritiya 2021: आज इस तरह करें दान-अनुष्ठान तो 'अक्षय रहेगा पुण्य', जीवन भर बनी रहेगी लक्ष्मी जी की कृपा

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Akshaya Tritiya 2021

कोरोना काल और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अक्षय तृतीया का पर्व कई खुशियां और योग लेकर आया है। आज ही परशुराम जयंती भी है। आज से ही उत्तराखण्ड स्थित श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जा रहे हैं। कोरोना प्रोटोकॉल के कारण श्रीबदरीनाथ धाम के कपाट अनुष्ठान में मुख्य पुजारी समेत सिर्फ 21 श्रद्धालु ही दुर्लभ क्षणों के साक्षी बन सकेंगे।

बहरहाल, आज अक्षय तृतीया का पर्व पर लक्ष्मी-योग और उच्च राशि के चन्द्रमां से महाशुभ संयोग बन रहा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन से त्रेता युग का आरंभ हुआ, भगवान परशुराम का अवतार भी इसी दिन हुआ, अक्षय तृतीया के दिन ही श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाते हैं, इस दिन गंगा स्नान का बड़ा विशेष महत्व है और विशेष रूप से इस दिन माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण दिन है।

अपने नाम के अनुरूप इस दिन किए गए कार्य का कभी क्षय नहीं होता। वह कहते हैं कि क्षय समृद्धि को बढ़ाने वाला माना गया है, पर सोने के अलावा इस दिन किसी भी नई वस्तु की खरीदारी करने से घर में समृद्धि बढ़ती है। इस दिन किया गया कार्य अक्षय रहता है, उसका कभी ह्रास नहीं होता। इसलिए अक्षय तृतीय के दिन जप तप पूजा और दान-पुण्य का बहुत महत्व है। इस दिन अपनी सामर्थय के अनुरूप जरूरतमंदों, ब्राह्मणों और धार्मिक स्थलों में दान अवश्य करना चाहिए। इस दिन लक्ष्मी माता का विशेष-पूजन करना चाहिए इससे उनकी अक्षय कृपा मिलती है।

ज्योतिष आचार्यों के अनुसार अक्षय-तृतीया अपने आप में परम शुभ दिन होता है पर इस बार 14 मई अक्षय-तृतीया के दिन कई ऐसे विशेष योग बन रहे हैं जिससे इस बार अक्षय तृतीया बहुत अधिक शुभ परिणाम देने वाली होगी। इस बार अक्षय तृतीया के दिन शुक्रवार है जो माता लक्ष्मी की पूजा के लिए श्रेष्ठ वार है। इसके अलावा इस बार अक्षय तृतीया के दिन अपनी उच्च राशि वृष में रहेंगे और वृष राशि में चन्द्रमा और शुक्र एक साथ होने से 'लक्ष्मी योग' भी बनेगा, जिसे अपनेआप में एक धन समृद्धि बढाने वाला योग माना गया है। इसलिए इस बार अक्षय तृतीया पर की गई पूजा मंत्र जाप दान आदि कई गुना अधिक शुभ परिणाम देने वाले रहेंगे।

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