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एक और जाकिर नाइकः आसाम के मदरसों का अलकायदा कनेक्शन? आरोपों के घेरे में बड़ा मौलाना!

एक और जाकिर नाइकः आसाम के मदरसों का अलकायदा कनेक्शन? आरोपों के घेरे में बड़ा मौलाना!

आसाम की ताकतवर हस्ती मौलाना बदरुद्दीन अजमल पर संगीन आरोप लगे हैं। मौलाना बदरुद्दीन के मदरसों पर अलकायदा से पैसे लेने का मामला सामने आ रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि अलकायदा मौलाना बदरुद्दीन के मदरसों को पैसा तुर्की के माध्यम से भेज रहा है। ध्यान रहे तुर्की पिछले काफी समय से भारत के खिलाफ आग उगल रहा है और कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को आंख मूंद कर सपोर्ट कर रहा है। इतना ही नहीं अरमेनिया और अजरबैजान की लड़ाई के बाद ये बातें सामने आईं है कि तुर्की अब कश्मीर में अपने भाड़े के आतंकियों को भेजने की प्लानिंग कर रहा है। तुर्की ने इन्हीं भाड़े के आतंकियों को अरमेनिया के खिलाफ अजरबैजान की ओर से लड़ने भेजा था। अब ये सभी आतंकी बेरोजगार हो चुके हैं और तुर्की का सिर दर्द बन रहे हैं। इसलिए तुर्की ने पाकिस्तान के साथ मिल कर इन्हें कश्मीर भेजने का प्लान बनाया है।

उसी तुर्की से मौलाना बदरुद्दीन के मदरसों को पैसा मिल रहा है। यह पैसा भी कुख्यात आतंकी संगठन अलकायदा की ओर से आ रहा है। यह भी ध्यान रखने की बात है कि अलकायदा का चीफ ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने सेफ शेल्टर दे रखी थी। जिसे ओबामा के कार्यकाल में अमेरिकी सील कमाण्डोज ने मार गिराया था। अलकायदा के कई बड़े आतंकी आज भी पाकिस्तान में ऐशगाहों में आराम कर रहे हैं।

मौलाना बदरुद्दीन के मदरसों को अलकायदा से पैसे मिलने का शक  राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की एक रिपोर्ट से मिला है।  एनसीपीआर की रिपोर्ट में  असम और मणिपुर में छह बाल गृहों की ओर से धन का दुरुपयोग किए जाने की जानकारी मिली है। ‘मरकजुल मारिफ’ नाम संस्था के तत्वाधान में चल रहे एक बाल गृह को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय एनजीओ से पैसे मिले हैं, जिसकी जांच आतंकवादी संगठन अल-कायदा से कथित संबंधों को लेकर हो रही है।

आयोग ने बताया कि उसके निरीक्षण दल की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार इन बाल गृहों में 778 बच्चे रह रहे हैं। लोकसभा सदस्य मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने इन बाल गृहों की स्थापना की थी। लोकसभा की वेबसाइट पर दिए गए उनके परिचय में कहा गया है कि इन बाल गृहों में 1,010 बच्चे हैं। अजमल की ओर से इस पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

बाल आयोग ने कहा,‘मरकजुल मारिफ की वेबसाइट पर कहा गया है कि 1080 बच्चे इन बाल गृहों में हैं। ऐसे में वेबसाइट पर उपलब्ध संख्या और निरीक्षण दल को इन बाल गृहों द्वारा बताई गई संख्या में अंतर है। इस अंतर की जांच करना और 300 बच्चों के बारे में स्थिति का पता करना जरूरी है।’ आयोग के मुताबिक, निरीक्षण दल ने यह भी सूचित किया है कि इन बाल गृहों में से एक को अंतरराष्ट्रीय एनजीओ आईएचएच से पैसे मिले हैं।.