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Ramadan: रातभर जागकर पहरा दें हिंदू और सुबह सहरी खाएं मुसलमान, कहीं ऐसा भी होता…हां होता तो है, लेकिन कहां- जानने के लिए पढ़ें रिपोर्ट

photo courtesy Navbharat Times

हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा हमेशा डिबेट का हिस्सा रहा है। आज भी सोशल मीडिया के जरिए कई लोग भड़काने का प्रयास कर रहे है, लेकिन इस सब के बीच उत्तर प्रदेश के इस शख्स की कहानी अलग ही विचारधारा को पेश कर रही है। ये कहानी है उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में रहन वाले गुलाब यादव की। गुलाब यादव पिछले 47 वर्षो से रोजेदारों के लिए रात भर जागते रहे हैं। ये काम वो ही नहीं, बल्कि उनके परिवार की कई पीढ़ियां करती आ रही है। दरअलस, मुबारकपुर थाना क्षेत्र के कौडिया लोहिया गांव में करीब 3000 मुसलमान रहते है।

इसी गांव में गुलाब यादव भी अपने परिवार के साथ रहता है। परिवार के सभी सदस्य दूसरे धर्म के प्रति सम्मान की भावना रखते है। यही वजह है कि रोजेदारों की मदद के लिए ये परिवार हमेशा खड़ा रहता है। रमजान के महीने में गुलाब यादव दिन भर मजदूरी करते है और रात में रोजेदारों के लिए जागते है। गुलाब रामजान के दिनों रात में एक बजे गले में एक बड़ी सी अलार्म घड़ी लटकाकर निकल पड़ते है और रात में तीन बजे तक घर-घर जाकर लोगों को सेहरी की तैयारी के लिए जगाते है।

गुलाब एक दरवाजे से तब तक नहीं हटते जबतक उस घर के भीतर से किसी की आवाज नहीं आती है। गुलाब यादव ने बताया कि पहले ये काम उनके पिता चिरकिट यादव करते थे। उनके बाद बड़े भाई विक्रम यादव भी कर लगे। अब पिछले दस सालों से वो भी मुस्लिम भाईयों को जगाने का काम कर रहे है। इसमें उनका 18 वर्ष का बेटा भी मदद कर रहा है। बेटे का नाम अभिषेक यादव है। वो दसवीं का छात्र है। गुलाब का कहना है कि वो इसे अपना कर्म समझते है। गुलाब का मानना है कि कोई भी धर्म आपस में बैर रखना नहीं सिखाता है। ईश्वर एक है। कोई उसे भगवान तो कोई अल्लाह के नाम से पुकारता है। सभी उसी की संतान हैं।