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Corona: भारत की आधी आबादी से भी ज्यादा लोग अभी भी नहीं पहन रहे मास्क, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जताई नाराजगी

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देश में कोरोना वायरस के मामले अब पहले के मुकाबले कम सामने आ रहे है। मामलों में जरा सी गिरावट को कुछ लोग अब ये समझ बैठे है कि कोरोना वायरस चला गया है। इसी सोच के कारण लोग अब लापरवाही करने पर उतर आए है। जैसे- मास्क न पहनना और लोगों से दूरी न बनाना आदि। इसको लेकर सरकार ने नाराजगी जाहिर की है। सरकार ने 25 शहरों में 2 हजार लोगों के साथ एक सर्वे किया। इस सर्वे में पाया कि 50 फीसदी लोग मास्क ही नहीं लगा रहे है, वहीं 64 फीसदी लोग मुंह को तो ढक रहे है, लेकिन नाक को नहीं।

वहीं 20 फीसदी लोगों का मास्क ठोढ़ी पर लगा होता है और 2 फीसदी लोग मास्क को गर्दन में फंसाकर रखते है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि सिर्फ 14 फीसदी लोग ही सही तरीके से मास्क पहनते हैं, जिनके नाक, मुंह, ठोढी सभी ढंके होते है। आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण का खतरा अपने चरम पर बना हुआ है। अब भी हर दिन 2.50 लाख से ज्यादा नए मामले आ रहे है और करीब 4,000 के आसपास मौतें हो रही है। इसको लेकर बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 8 राज्यों में 1-1 लाख से ज्यादा एक्टिव केस है। वहीं 9 राज्यों में 50,000 से 1 लाख एक्टिव केस और 19 राज्यों में 50,000 से कम एक्टिव केस है।

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर एडवाइजरी में कहा गया कि 'भारत में महामारी के प्रकोप के बीच हमें एक बार फिर उन सामान्य नियमों को याद रखने की जरूरत है जिसके जरिए सार्स-CoV-2 वायरस का ट्रांसमिशन सीमित कर सकते हैं। इसके साथ ही कहा गया है कि, दफ्तरों और घरों में बेहतर वेंटिलेशन के जरिए संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि, जिस संक्रमित व्यक्ति में कोरोना का कोई लक्षण नहीं दिख रहा है, वह 'वायरल लोड' बनाने लायक पर्याप्त ड्रॉपलेट्स छोड़ सकता है जो कई लोगों को संक्रमित कर सकता है। इसका मतलब साफ है कि अब कोरोना से बचने के लिए 10 मीटर की दूरी भी काफी नहीं है।