कर्नाटक और महाराष्ट्र में तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान तौकते सोमवार की रात लगभग 185 किलोमीटर प्रतिघण्टा की रफ्तार से गुजरात के तट पर टकराया। गुजरात में भी तौकते के कारण चारों ओर दूर-दूर तक तबाही का आलम था। तौकते की रफ्तार का सामना एक मोबाइल टावर से हुआ। इस मोबाइल टावर को तौकते अपने साथ ही उड़ा ले गया। महाराष्ट्र और कर्नाटक में तौकते ने 6-6 लोगो को अपना शिकार बनाया। हालांकि गुजरात ने किसी की जान जाने की खबर नहीं है लेकिन नुकसान काफी हुआ है।
Rain and gusty winds seen in Una town of Saurashtra near Diu, at midnight today#CycloneTauktae pic.twitter.com/0u0mNUYha7
— ANI (@ANI) May 18, 2021
तूफान के असर की वजह से गुजरात के कई इलाकों में पेड़ों के गिरने की घटना सामने आई। मौसम विभाग के मुताबिक तौकते के जमीन से टकराने की प्रक्रिया करीब दो घंटे तक चली। गुजरात पहुंचने से पहले तौकते ने महाराष्ट्र के मुंबई में भी भारी तबाही मचाई। महुआ के पास पेड़ गिरने की वजह से ऑक्सिजन सिलिंडर लेकर जा रहा ट्रक फंस गया।
गुजरात पहुंचने के बाद चक्रवाती तूफान तौकते अब कमजोर पड़ने लग गया है। हालांकि ऐसा नहीं है कि खतरा टल गया है क्योंकि तूफान की रफ्तार अभी भी 135किलोमीटर प्रति घंटा है। तूफान की वजह से गुजरात में कई जिलों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। गुजरात के बाद अब चक्रवाती तूफान तौकते राजस्थान में तबाही मचा सकता है।
चक्रवाती तूफान तौकते ने गुजरात के कई इलाकों में जमकर तबाही मचाई। कई इलाकों में पेड़ गिरने की वजह से सड़कें ब्लॉक हो गईं। वहीं, ऊना शहर में एक मोबाइल टावर टूटकर गिर गया। गुजरात में डेढ़ लाख से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।
तूफान के गुजरात तट से टकराने से पहले गुजरात में द्वारका के पास अरब सागर में ऊंची-ऊंची लहरें (हाई टाइड) उठीं। सोमवार रात के दौरान पोरबंदर और महुवा के बीच चक्रवात के तबाही मचाने की आशंका के मद्देनजर एनडीआरएफ ने गुजरात में 44टीमों को तैनात किया था। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए 22टीमों को अतिरिक्त रिजर्व के रूप में भी रखा गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को तीनों सशस्त्र सेनाओं को निर्देश दिये कि वे चक्रवात तौकते के कारण बनी परिस्थितियों से निपटने में तटीय राज्य महाराष्ट्र और गुजरात में नागरिक प्रशासन की हर संभव मदद करें।चक्रवात से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये सशस्त्र बलों की तैयारियों की समीक्षा के बाद सिंह ने ये निर्देश दिए।
महाराष्ट्र में तौकते की वजह से 6 लोगों की मौत और 9 घायल हुए हैं। इसके अलावा 4 जानवरों की भी मौत हुई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नुकसान का आकलन किया और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कर्नाटक में भी तौकतेने कहर बरपाया है। यहां करीब 121 गांव इससे प्रभावित हैं। तबाही के दौरान करीब 6 लोग काल के गाल में समा गए।