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Eid-ul-Adha 2021 कांवर यात्रा पर रोक तो बकर-ईद मनाने पर छूट क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने किया केरल सरकार से जवाब-तलब

कांवर पर यात्रा पर प्रतिबंध तो बकर-ईद पर क्यों नहीं?

देश भर से कांवर भरने के लिए हरिद्वार पहुंचने और वापसी में जुलूसे के रूप में अपने-अपने शहरों की ओर लौटने वाली यात्राओं पर अदालत के आदेश पर रोक लगा दी गई है, लेकिन इसी बीच बकरीद को लेकर कुछ राज्यों ने प्रतिबंध हटा लिए हैं। इसीबात को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जवाब तलब कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए खास तौर पर केरल सरकार से जवाब मांगा है अब कल यानी मंगलवार को फिर से याचिका पर सुनवाई होगी।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने याचिका में कहा था कि यह ढील ऐसे समय दी जा रही है जब राज्य में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है और संक्रमण दर भी ऊंची होती जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने कांवड़ यात्रा रोकने को लेकर दी अपनी टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कांवड़ यात्रा पर रोक लगाने का भी संज्ञान लिया और इस केस को बंद कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश प्रशासन से यह भी कहा है कि वह राज्य में कोरोना संबंधी ऐसे किसी भी नियम की अनदेखी होने से रोके, जिससे नागरिकों का जीवन खतरे में पड़ता हो।

ध्यान रहे, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को ऐलान किया था कि बकरीद के मौके पर राज्य में लगे लॉकडाउन के प्रतिबंधों में छूट दी जाएगी। इस बुधवार को होने वाली ईद के लिए रविवार से यह छूट तीन दिन के लिए दी गई है। इस दौरान कपड़े, जूते-चप्पल की दुकान, ज्वैलरी की दुकान, गिफ्ट आइटम की दुकान, घर के सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर और रिपेयरिंग सेंटर को खोलने की मंजूरी दी गई है।

इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने  फिल्मों की शूटिंग और पूजा स्थलों को भी लॉकडाउन संबंधित छूट देने की घोषणा की है। इसको लेकर विजयन ने तर्क दिया कि  प्रतिबंध चाहे कितना भी सीमित क्यों न हो, बड़ी आर्थिक और सामाजिक समस्याएं पैदा कर रहे हैं और इसलिए कोरोना के रोजाना सामने आ रहे मामलों को ध्यान में रखते हुए कुछ रियायतें दी जा रही है।