Hindi News

indianarrative

GHMC Election 2020: दक्षिण के एक और दुर्ग में बीजेपी की सेंधमारी, 50 सीटें जीतीं

GHMC Election 2020: दक्षिण के एक और दुर्ग में बीजेपी की सेंधमारी, 50 सीटें जीतीं

कर्नाटक के बाद तेलंगाना के तौर पर बीजेपी दक्षिण के एक और दुर्ग पर भगवा फहराने की तैयारी कर चुकी है। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के चुनाव में 4 से 50 पर पहुंची बीजेपी के हौंसले बुलंद हैं। हालांकि, गृहमंत्री अमित शाह की बात अधूरी रह गई कि हैदराबाद में मेयर बीजेपी का बनेगा, मगर यह तय हो गया है कि अब आगे की राह टीआरएस के बहुत मुश्किल है। टीआरएस सिर्फ 54 सीट ही हासिल कर रही है। मजबूत विपक्ष के तौर पर बीजेपी GHMC के मेयर को चैन से नहीं बैठने देगी। विधानसभा चुनावों तक बीजेपी और अधिक मजबूत होकर उभरेगी। हालांकि, कहा जा रहा है GHMC के चुनाव परिणाम टीआरएस नेतृत्व को जगाने वाले हैं।

बीजेपी है जिसके हिस्से में 2016 के पिछले चुनाव में सिर्फ चार सीटें आ सकी थीं। यानी, सिर्फ चार साल में बीजेपी ने अपना प्रदर्शन 12 गुना बढ़ा लिया। वहीं सत्तारूढ़ दल तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है जबकि टीआरएस पिछली बार के 99 सीटों से करीब 55 से 60 सीटों तक सिमटती दिख रही है। उधर, असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहाद-उल-मुसलमीन (AIMIM) की स्थिति में पिछले बार के मुकाबले कोई बदलाव नहीं आई है। उसके पास पिछली बार 44 सीटें थीं और इस बार भी उसे 44 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है।

बीजेपी महासचिव भूपेंद्र यादव ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को नैतिक जीत बताते हुए कहा कि भगवा पार्टी तेलंगाना में टीआरएस की एकमात्र विकल्प के रूप में उभरी है। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे आश्चर्यजनक बताया है। आइए जानते हैं कि क्या वाकई एक नगर निगम के चुनाव परिणाम को दुनिया की सबसे बड़े राजनीतिक दल का दावा करने वाली बीजेपी के लिए बहुत बड़ी जीत कहना सही है? आखिर बीजेपी इसे इतनी बड़ी जीत के रूप में क्यों देख रही है? क्या इसका राज्य और देश की राजनीति पर भी असर पड़ने जा रहा है।.