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Greta Toolkit Case: मुंबई की वकील निकिता जैकब के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

टूलकिट मामले में मुंबई की वकील निकिता जैकब के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी। फाइल फोटो

जलवायु के क्षेत्र में काम करने वाली मशहूर कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg Toolkit) द्वारा शेयर किए गए 'टूलकिट' दस्तावेज मामले में 2 और कार्यकर्ताओं की भूमिका सवालों के घेरे में है। इसे लेकर पेशे से मुंबई की एक वकील निकिता जैकब (Mumbai lawyer Nikita Jacob) और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (Non Bailable Warrant issued) जारी किए गए हैं। इस मामले में पहले ही बेंगलुरु के एक कॉलेज की स्टूडेंट दिशा रवि (Activist Disha Ravi) को साजिश और देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है और इसे लेकर लोगों में खासी नाराजगी भी है। दिशा को रविवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया था और उसके बाद उन्हें 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

निकिता की सोशल मीडिया प्रोफाइल के मुताबिक वह महाराष्ट्र और गोवा स्टेट बार काउंसिल से जुड़ी हैं और बॉम्बे हाई कोर्ट में रजिस्टर्ड हैं। वहीं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक, 11 फरवरी को एक टीम तलाशी लेने के लिए निकिता जैकब के घर गई थी लेकिन शाम होने के कारण उससे पूछताछ नहीं हो सकती थी।

स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भारत के 3 कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में 'टूलकिट' ट्वीट किया था। इस पर दिल्ली पुलिस ने 'टूलकिट' बनाने वालों के खिलाफ 4 फरवरी को आईपीसी की धारा 124-ए, 120-ए और 153-ए के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने दिशा रवि को यह दस्तावेज बनाने और उसका प्रसार करने की महत्वपूर्ण साजिशकर्ता बताया। बाद में निकिता की भी इस काम में भूमिका सामने आई।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा है, "ये सभी लोग खालिस्तानी समर्थक पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन के साथ मिलकर देश के खिलाफ असुंष्टि फैलाने का काम कर रहे थे। वह उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने ग्रेटा थुनबर्ग के साथ यह टूलकिट शेयर किया था।"

वहीं कई कार्यकर्ताओं और राजनेताओं ने दिशा रवि की गिरफ्तारी पर चिंता जताई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली पुलिस का यह कदम लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "21 साल की दिशा रवि को गिरफ्तार करना लोकतंत्र पर एक हमला है। हमारे किसानों का समर्थन करना कोई अपराध नहीं है।"