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Corona Vaccine Sputnik-V: भारत में ही बनेगी रूसी कोरोना वेक्सीन स्पूतनिक-V, सभी ट्रायल पूरे, अब प्रोडक्शन की बारी

भारत में बनेगी रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-V

रूस और भारत की जुगलबंदी एक बार दुनिया देखेगी। दुनिया में कोरोना वेक्सीन की मांग को देखते हुए रूस ने भारत से अपनी वैक्सनी स्पूतनिक-Vका प्रोडक्शन भारत में कराने की पेशकश की थी। यह समझौता नवंबर में हुआ था। और माना जा रहा था कि जल्दी ही इसका भारत में प्रोडक्शन भी शुरू हो जाएगा। लेकिन कुछ औपचारिकताओं के चलते यह मामला अभी तक रुका रहा लेकिन कहा जा रहा है कि भारत  और रूस के बीच कोरोना वेक्सीन के प्रोडक्शन की प्रक्रिया काफी लम्बे समय से चल रही थी। इसके बाद जो भी औपचारिकताएँ थीं उन्हें पूरा कर लिया गया है और अब रूस की यह वैक्सीन जल्द ही भारत में बनने लगेगी। स्पूतनिक के अलावा रूस की ही नोवावेक्स का उत्पादन भी भारत में ही होगा।

रूस के सोवरेन वेल्थ फण्ड (Russia's sovereign wealth fund) और भारतीय दवा कंपनी हेटेरो नेस्पूतनिक V वैक्सीन के भारत में प्रति वर्ष 100मिलियन (10करोड़) से अधिक खुराक का उत्पादन करने पर सहमति व्यक्त की है।

ध्यान रहे कि रूस का दावा है कि उसकी यह वैक्सीन 95फीसद कारगर पाई गई है और इसके एक खुराक की कीमत 10डॉलर ( लगभग 750रुपये) होगी। इसे रखने के लिए अत्यधिक ठंडे कोल्ड स्टोरेज की भी जरूरत नहीं होगी।  स्पूतनिक-V के ट्विटर एकाउंट पर जारी बयान में कहा गया कि वैक्सीन का समर्थन और वैश्विक स्तर पर मार्केटिंग कर रहे हेटेरो और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) ने  भारत में स्पूतनिक-V का उत्पादन शुरू करने की योजना बनाई है।

रूसी वेक्सीन के ट्रायल बेलारूस, यूएई, वेनेजुएला और अन्य देशों में हो चुके हैं।  हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरी ने भी इसके ट्रायल भारत में किए। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड ने कहा है कि ट्रायल लगभग पूरे और सफल रहे हैं। भारत के ग्लैण्ड फार्मा लिमिटेड ने कहा है कि रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फण्ड के साथ स्पूतनिक-V की 25.2 करोड़ डोज की पहली खेप तैयार की जाएगी। डॉक्टर रेड्डी और हेटरो के बाद ग्लैण्ड फार्मा तीसरी भारतीय कंपनी है तो रूस की स्पूतनिक-V का प्रोडक्शन करने जा रही है।