Hindi News

indianarrative

इंडियन आर्मी की अरब देशों में दस्तक, नरवणे की 'कदमचाल' से परेशान पाकिस्तान

इंडियन आर्मी की अरब देशों में दस्तक, नरवणे की 'कदमचाल' से परेशान पाकिस्तान

सऊदी अरब और यूनाईडटेड अरब अमीरात के साथ <a href="https://hindi.indianarrative.com/india/frightened-china-deploying-missiles-in-pakistan-14170.html"><strong><span style="color: #000080;">भारतीय सेना</span> </strong></a>(Indian Army) के सम्बंधों में एक और नया आयाम स्थापित होने जा रहा है। अभी तक इन देशों के साथ केवल व्यापारिक-राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते ही थे अब <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Arab_League"><strong><span style="color: #000080;">अरब</span> </strong></a>देशों के साथा सैन्य सम्बंध भी स्थापित होने जा रहे हैं। इन सम्बंधों की रूप रेखा को निर्धारित करने के लिए इंडियन आर्मी (Indian Army) चीफ मनोज मुकुंद नरवणे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर जाने वाले हैं। इन अरब देशों की यात्रा करने वाले मनोज मुकुंद नरवणे भारत के पहले आर्मी चीफ होंगे। भारतीय आर्मी चीफ नरवणे के सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यात्रा से अगर कोई सबसे ज्यादा परेशान है तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी हैं।

इमारान की परेशानी का एक कारण यह भी है कि सऊदी अरब लगातार पाकिस्तान के साथ रिश्तों को कम करता आ रहा है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद वापस ले ली है। क्रेडिट पर तेल बेचने पर भी रोक लगा दी है। इतना ही नहीं पाकिस्तान के साथ सुरक्षा समझौते पर सऊदी अरब समीक्षा कर ररहा है। इसके अलावा ब्रिटिश फौजें गुपचुप तरीके से सऊदी अरब पहुंच चुकी हैं।

ध्यान रहे, जनरल नरवणे म्यांमार और नेपाल की यात्रा भी कर चुके हैं। नेपाल की यात्रा उन्हें काफी पहले करनी थी। लेकिन नेपाल के रुख को देखते हुए आर्मी चीफ यात्रा को टालते रहे। बहरहाल जब वो नेपाल गये तो उन्होंने प्रधानमंत्री केपी ओली शर्मा से बालूवाटार में उनके निवास पर मुलाकात की थी। अपनी यात्रा के दौरान नरवणे ने नेपाली सेना के दो फील्ड अस्पतालों के लिए एक्स-रे मशीन, कंप्यूटेड रेडियोग्राफी सिस्टम, आईसीयू वेंटिलेटर, वीडियो एंडोस्कोपी यूनिट और एनेस्थीसिया मशीन सहित चिकित्सा उपकरण भी भेंट किए थे। नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने आर्मी चीफ नरवणे को नेपाल सेना के जनरल रैंक की मानद उपाधि से सम्मानित किया था। प्रधान मंत्री ओली, भारतीय राजदूत विनय एम क्वात्रा और दोनों देशों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुए समारोह के दौरान उन्हें तलवार और स्क्रॉल भी भेंट किया गया था।.