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China-Pak आतंकियों के मददगार, Afghanistan पर UNSC में भारत के तीखे तेवर, चीन और पाक लगेंगे प्रतिबंध!

S Jaishankar

आतंकबाद पर सयुक्त राष्ट्र में भारत की तैयारियों को देख कर  लग रहा कि बहुत जल्द ही चीन और पाकिस्तान पर जल्द ही कड़े एक्शन लिए जा सकते हैं। अफगानिस्तान में जिस तरह चीन और पाक आतंकियों की मदद कर रहे हैं उससे पूरी दुनिया पर नया संकट खड़ा हो गया है। 

ध्यान रहे, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान और चीन  को बुरी तरह धोया। भारत ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे पाकिस्तान आधारित आतंकी समूह बेखौफ अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं और उन्हें इसके लिए संरक्षण भी मिल रहा है।  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साथ ही पाकिस्तान स्थित आतंकियों द्वारा किए गए 2008 के मुंबई आतंकी हमले, पठानकोट में वायु सेना अड्डे और पुलवामा हमले की याद दिलाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कभी भी आंतकवादियों को पनाह नहीं देनी चाहिए।

फिलहाल UNSC की अध्यक्षता भारत के पास है। अफगान संकट के बीच आज गुरुवार को 'आतंकवादी कृत्यों के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा' मुद्दे पर बात हुई। इसमें जयशंकर ने भी अपनी बात रखी। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हमारे पड़ोस में आईएसआईएल-खोरासन (आईएसआईएल-के) अधिक ताकतवर हो गया है और लगातार अपने पांव पसारने की कोशिश कर रहा है। अफगानिस्तान में होने वाले घटनाक्रम ने स्वाभाविक रूप से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर वैश्विक चिंताओं को बढ़ा दिया है।

विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को लताड़ा

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि जब हम देखते हैं कि जिनके हाथ निर्दोष लोगों के खून से सने हैं उन्हें राजकीय आतिथ्य दिया जा रहा है, तो हमें उनके दोहरेपन को उजागर करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।' सुरक्षा परिषद की बैठक में आईएसआईएल (दाएश) की तरफ से अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए उत्पन्न खतरे को लेकर महासचिव की 13वीं रिपोर्ट पर विचार किया गया। तीन अगस्त को पेश रिपोर्ट में कहा गया कि आईएसआईएल-खोरासन ने अफगानिस्तान के कई प्रांतों में अपने पांव पसारे हैं और काबुल में और इसके आसपास अपनी पकड़ मजबूत की है।

काबुल पर तालिबान के नियंत्रण के बाद बचकर निकले अफगान सामरिक अध्ययन संस्थान के महानिदेशक दाऊद मोराडियन ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित किया और परिषद को बताया कि उड़ते हुए अमेरिकी विमान से गिरने वालों में से एक शख्स कथित तौर पर अफगानिस्तान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का सदस्य था।

जयशंकर ने आगे ISIS पर बात की। उन्होंने कहा कि वह और मजबूती के साथ वित्तीय संसाधन जुटा रहा है।  चीन पर कटाक्ष करते हुए जयशंकर ने परिषद में कहा कि देशों को आतंकवादियों को नामित करने के अनुरोध को बिना किसी कारण के लंबित नहीं रखना चाहिए।