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केंद्र ने कसे पेंच तो Twitter पड़ा ढीला- भारी विरोध के बाद मोहन भागवत सहित कई नेताओं के ब्लू टिक किया वापस

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ट्विटर अपनी मनमानियों से बाज नहीं आ रहा, ट्विटर के रवैये पर भारत सरकार लगातार नजर बनाए हुए हैं और चेतावनी भी दी है कि अगर वह नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। इस बीच ट्विटर भारत में कई बड़े नेताओं के अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का अकाउंट के ब्लू टिक हटाया फिर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया था। हालांकि, अब ट्विटर ने मोहन भागवत समेत कई बड़े नेताओं का ब्लू टिक वापस कर दिया है।

इससे पहले ट्विटर ने शनिवार की सुबह उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया था। जिसके बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संघ के नेता कृष्ण गोपाल समेत कई अन्य संघ कार्यकर्ताओं के ट्विटर अकाउंट से भी ब्लू टिक हटा दिया गया था। उपराष्ट्रपति के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाए जाने के बाद विवाद काफी बढ़ गया था। जिसके बाद ट्विटर ने वेंकैया नायडू के अकाउंट का ब्लू-टिक री स्टोर कर दिया था।

अब ट्विटर ने एक बार फिर अपनी गलती सुधारी है। उसने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संघ के नेता कृष्ण गोपाल समेत अन्य सभी संघ नेताओं के ट्विटर अकाउंट पर लगे ब्लू टिक को वापस कर दिया है। मोहन भागवत और कृष्ण गोपाल के अलावा जिन संघ नेताओं के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाया गया था उनमें सुरेश सोनी, अरुण कुमार और सुरेश जोशी जैसे लोग शामिल थे।

बता दें कि, ट्विटर से ब्लू टिक हटाने का मतलब होता है कि ट्विटर ने उस अकाउंट को अनवेरिफाई कर दिया है। ट्विटर के नियमों के मुताबिक, अकाउंट को सक्रिय रखने के लिए हर छह महीने में लॉग इन करना जरूरी है और प्रोफाइल को अपडेट करना जरूरी है। वहीं वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाने के बाद ट्विटर की ओर से यही सफाई दी गई थी कि वेंकैया नायडू के ट्विटर हैंडल को पिछले छह महीने में लॉग इन नहीं किया गया था। उपराष्ट्रपति और मोहन भागवत के ट्विटर अकाउंटर से ब्लू टिक हटाए जाने के बाद देश भर में ट्विटर का विरोध शुरू हो गया था। जिसके बाद आखिरकार ट्विटर को अपनी गलती सुधारनी पड़ी है।