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UP बना Pod Taxi शुरु करने वाला पहला राज्य, Noida में इन Sectors पर बनेंगे स्टेशन! जानिए कितना आएगा खर्च

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उत्तर प्रदेश जल्द ही पॉड टैक्सी सर्विस प्राप्त करने वाला भारत का पहला राज्य बन जाएगा। नोएडा में अब पॉड टैक्‍सी सेवा शुरू होने वाली है। पॉड टैक्‍सी की ये सेवा जेवर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लेकर नोएडा फिल्‍म सिटी तक के लिए उपलब्‍ध होगी। इसे 862 करोड़ रुपये के बजट में यमुना एक्‍सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी पूरा करेगी। यीडा ने इसको लेकर यमुना अथॉरिटी में डिटेल्‍ड प्रोजेक्‍टर रिपोर्ट सबमिट कर दिया है। डीपीआर में  मुकाबिक, पॉड टैक्‍सी के कॉरीडोर की लंबाई 14.5 किलोमीटर की होगी। मंजूरी मिलने के बाद काम शुरु कर दिया जाएगा।

पॉडी टैक्‍सी सर्विस शुरु होने के बाद जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फिल्‍म सिटी के बीच कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। एयरपोर्ट के साथ ही पॉड टैक्‍सी का संचालन भी शुरू करने की योजना है। इस साल के अंदर इस प्रोजेक्‍ट का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। डीपीआर में दी गई जानकारी के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फिल्म सिटी की दूरी करीब 14.5 किलोमीटर है। इसका स्टेशन सेक्टरों में भी बनाए जाने का सुझाव डीपीआर में दिया गया है। ये सेक्टर 21, 28, 29, 32 और 33 होते हुए नोएडा एयरपोर्ट से फिल्म सिटी के बीच चलेगी। इन सभी सेक्टर्स पर बने स्टेशन पर ये ठहरेगी भी।

नोएडा एयरपोर्ट आने वाले किसी भी सेक्टर में अपने हिसाब से उतर सके। कहा जा रहा है कि अगर मंजूरी मिल जाती है, तो ये सेवा ,साल 2025 में शुरु हो जाएंगे। इसमें रोजाना तकरीबन 8 हजार लोग यात्रा कर सकेंगे। पहली पॉड टैक्सी चलाने के लिए प्रदेश सरकार को 862 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। पॉड टैक्सी को नोएडा की धरती पर उतारने के लिए 50 से 60 करोड़ रुपये प्रति किमी खर्च करने होंगे। फाइनल डीपीआर में 14 किमी के रूट पर करीब 862 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। सबकुछ ठीक रहा तो 2025 तक ग्रेटर नोएडा में पॉड टैक्सी दौड़ने लगेगी।

आपको बता दें कि पॉड टैक्सी दो तरह से चलती है, एक ट्रैक पर और दूसरा केबल की मदद से हैंगिंग मोड पर, लेकिन भारत में इसे ट्रैक पर चलाए जाने की योजना है। इस ट्रैक पर न तो रेड सिग्नल होगा और न ही जाम लगेगा। हालांकि विदशों में जो पॉड टैक्सी चल रही हैं वो 4 से 6 सीटर है, लेकिन भारत में 8 से 10 सीटर टैक्सी चलाए जाने की योजना है। पॉड टैक्सी पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड होती है। इसमे ड्राइवर नहीं होता है।

यह बैटरी से चलती है। पॉड टैक्सी के लिए बनाए जाने वाले एक किमी ट्रैक की लागत करीब 60 करोड़ रुपये आती है। टैक्सी में बैठने के साथ ही टच स्क्रीन की उस स्टेशन पर क्लिक कीजिए, जहां आपको उतरना है। स्टेशन आने पर टैक्सी खुद ही रुक जाएगी। किराए का भुगतान कार्ड से करना होता है।