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किसानों ने कोरोना के बावजूद पैदावार के और सरकार ने खरीद के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़े: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की 75 वीं वर्षगांठ पर स्मारक सिक्का जारी करते हुए कहा कि देश किसानों ने कोरोना के बावजूद पैदावार के और सरकार ने खरीद के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़े।

आईएन ब्यूरो अपडेटेड October 16, 2020 14:17 IST
Farmers break all previous records of yield despite Corona and government: Modi
किसानों ने कोरोना के बावजूद पैदावार के और सरकार ने खरीद के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़े

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के कारण जहां पूरी दुनिया संघर्ष कर रही है, वहीं भारत के किसानों ने इस बार पिछले साल के पैदावार के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। क्या आप जानते हैं कि सरकार ने गेहूं, धान और दालें सभी प्रकार के खाद्यान्न की खरीद के अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की 75 वीं वर्षगांठ पर स्मारक सिक्का जारी करते हुए भारत में खेती-किसानी की बेहतरी की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा किया।

मोदी ने कहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुणा दाम एमएसपी के रूप में मिले, इसके लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। एमएसपी और सरकारी खरीद, देश की फूड सिक्योरिटी का अहम हिस्सा हैं। इसलिए इनका जारी रहना स्वभाविक है। भारत में अनाज की बबार्दी हमेशा से बहुत बड़ी समस्या रही है। अब जब एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट में संशोधन किया गया है, इससे स्थितियां बदलेंगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने पौष्टिक तत्वों से भरपूर फसलों को बढ़ावा देने से जुड़ी सरकार की कोशिशों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कुपोषण से निपटने के लिए एक और महत्वपूर्ण दिशा में काम हो रहा है। अब देश में ऐसी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिसमें पौष्टिक पदार्थ- जैसे प्रोटीन, आयरन, जिंक इत्यादि ज्यादा होते हैं। इससे दो तरह के लाभ होंगे। एक तो पौष्टिक आहार प्रोत्साहित होंगे, उनकी उपलब्धता और बढ़ेगी। और दूसरा-जो छोटे किसान होते हैं, जिनके पास कम जमीन होती है, उन्हें बहुत लाभ होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में पोषण अभियान को ताकत देने वाला एक और अहम कदम उठाया गया है। आज गेहूं और धान सहित अनेक फसलों के 17 नए बीजों की वैरायटी, देश के किसानों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज भारत में निरंतर ऐसे रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं जो ग्लोबल फूड सिक्योरिटी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। खेती और किसान को सशक्त करने से लेकर भारत के सार्वजनिक वितरण प्रणाली तक में एक के बाद एक सुधार किए जा रहे हैं।

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