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Vastu Tips: घर को बुरी शक्तियों से बचाए रखती Door Bell, वास्तुदोष को करती है दूर, लगवाते समय इन उपायों का रखें जरुर रखें ध्यान

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आपके घर पर जब भी कोई आता है, तो सबसे पहले डोर बेल बजाता है। हर किसी के घर के बाहर डोर बेल जरुर होती है। डोर बेल कहने को तो मामूली सी वस्तु है, लेकिन ये वास्तु दोष को दूर करने का काम करती है। इसलिए डोर बेल को लगवाने से पहले वास्तु शास्त्र का विशेष ध्यान रखें। चलिए आपको बताते है डोर बेल से जुड़े वास्तु टिप्स-

वास्तु शास्त्र के अनुसार कुंडी खटखटाने या आवाज देकर घर के लोगों को बुलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। इससे घर में रहने वाले लोगों के मस्तिष्क पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे घर के लोग काफी चिड़चिड़े हो सकते हैं और उनमें बात-बात पर विवाद होने की आशंका भी बढ़ जाती है। इसलिए डोर बेल जरुर लगवाएं।

घर की डोर बेल जमीन से कम से कम पांच फीट की ऊंचाई पर होनी चाहिए। ऐसा बच्चों की शरारतों और छेड़छाड़ से बचाव के लिए कहा गया है।

घर की नेम प्लेट डोर बेल से ऊपर होनी चाहिए। माना जाता है कि इससे परिवार के मुखिया का यश और कीर्ति हमेशा बढ़ती रहती है। साथ ही इस स्थिति से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इससे घर में खुशियों का भी आगमन होता है, जिससे परिवार के लोग आपस में मिल-जुलकर रहते हैं।

घर में खराब आवाज या तेज शोर करने वाली डोर बेल भी नेगेटिविटी लाती है। इसलिए इनसे आपको बचने की जरूरत है। सुनिश्चित करें कि घर में जो बेल लगाएं, उसकी आवाज मधुर हो ताकि घर में पॉजिटिव एनर्जी फ्लो करती रहे।

घर में आते हुए कोई व्यक्ति सुबह के वक्त दरवाजा खटखटाता है तो वो वास्तु सम्मत नहीं माना जाता। वास्तु के अनुसार ऐसा करने से लक्ष्मी जी नाराज हो जाती है। इसीलिए सुबह आने वालों को डोर बेल बजाने के लिए विशेष रूप से निवेदन करें।