Vastu Tips: खाना खाते समय जरूर रखें इन बातों का ध्यान, गलत दिशा में बैठकर भोजन करने से सेहत को होगा नुकसान

lunch.webp

भोजन करने की सही दिशा

दैविक काल से ही भारत में जमीन पर बैठकर केले के पत्ते पर भोजन ग्रहण करने की प्रथा है। कुछ लोग तो वर्तमान समय में भी खाने के समय इन नियमों का पालन करते हैं। हालांकि, पश्चिमी सभ्यता में भोजन ग्रहण करने के नियम अलग हैं। क्योंकि अब खाना खाने के लिए लोग कुर्सी टेबल का इस्तेमाल करते हैं। इस दौरान दिशा का भी ख्याल नहीं रखा जाता है। सभी लोग एक दूसरे के आमने सामने बैठते हैं। वास्तु जानकारों के मुताबिक भोजन ग्रहण करते समय दिशा का ध्यान जरूर रखना चाहिए। अगर लापरवाही बरतते हैं, तो शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आइए वास्तु से जानते हैं कि किस दिशा में बैठकर भोजन करना श्रेष्कर होता है।

– वास्तु शास्त्र के अनुसार जिसे आयुष्य की इच्छा है, वह पूर्व दिशा में मुख कर, जिसे लक्ष्मी की इच्छा है, वह पश्‍चिम की ओर मुख कर भोजन करे। जिसको सदाचार और अच्छे गुण की इच्छा हो, वो उत्तराभिमुख बैठकर भोजन करे।

– शास्त्रों में भी विभिन्न कार्य करने के लिए दिशाओं के महत्व के बारे में बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार पूर्व दिशा में मुख कर अन्न ग्रहण करें, दक्षिण दिशा में मुख कर मलविसर्जन, उत्तर दिशा में मुख कर मूत्रविसर्जन एवं पश्चिम दिशा में मुख कर पैर धोएं।

किस दिशा में भोजन करने के क्या हैं लाभ

पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके भोजन करने से रोग और मानसिक तनाव दूर होता है। पूर्व की ओर मुंह करके भोजन करने से तन-मन को एनर्जी मिलती है और आप हमेशा तरोताज़ा महसूस करते हैं। जो व्यक्ति या परिवार के जो बुजुर्ग अक्सर बीमार रहते हैं। खासकर उन्हें पूर्व दिशा में बैठकर ही भोजन करना चाहिए। ऐसा करने से उन्हें स्वास्थ्य लाभ होगा।

उत्तर दिशा में बैठकर भोजन करने से धन, विद्या एवं आध्यात्मिक शक्ति मिलती है। अगर कोई व्यक्ति अपना करियर शुरू करने की सोच रहा है या करियर में कुछ नया करने की प्लानिंग कर रहा है, तो उसे भी उत्तर दिशा में बैठकर भोजन करना चाहिए। इससे उन्हें सफलता ज़रूर मिलेगी।

वास्तु शास्त्र में भोजन करने के लिए पश्‍चिम दिशा भी अच्छी मानी गई है। व्यापारी, नौकरीपेशा लोगों के लिए इस दिशा में अगर बैठकर भोजन करना अच्छा होता है। इसके अलावा क्रिएटिव फील्ड के लोग या जिन व्यक्तियों का दिमाग संबंधित कार्य है, उन्हें भी इस दिशा में बैठकर भोजन करना चाहिए।

दक्षिण दिशा कि तरफ बैठकर भोजन नहीं करें

– दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है, इसलिए कभी भी दक्षिण की ओर मुंह करके खाना नहीं खाना चाहिए।

– इससे दुर्भाग्य बढ़ता है और स्वास्थ्य खराब होने का डर रहता है।

– इससे व्यक्ति को पाचन समेत पेट संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

– दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन करने से मान-सम्मान पर भी प्रभाव पड़ता है।