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चीन ने QUARD पर दबाव बनाने के लिए उतारा Shark Drone, अमेरिकी शार्क हंटर Barracuda के आगे Xi Jinping की निकली हवा

चीन ने समुद्र में उतारी शार्क रेजिमेंट

चीन QUARD पर दबाव बनाने के लिए एक नया वीडियो जारी किया है। ये रोबो शार्क का वीडियो है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि रोबो शार्क समुद्र में पहचान नहीं आता और दुश्मन के नजदीक पहुंच कर उसे खत्म कर देता है। हालांकि अभी तक चीन की जो भी प्रोपेगंडा वीडियो जारी किए गए हैं ये उनसे अलग है फिर भी चीन की असलियत दुनिया के सामने आ चुकी है।  चीन मिलिटरी सुपरमैसी साबित करने के लिए फर्जी वीडियो बनाता और शेयर करता रहता है। समुद्र में चीन के खिलाफ कई देशों के एक साथ आ जाने से शी जिनपिंग को लग रहा है कि बचने का कोई रास्ता नहीं है तो अब उन्होंन अण्डर वॉटर रोबोट दिखाकर दुनिया को डराने की कोशिश की है। यह रोबोट शार्क जैसा दिखता है। चीन ने दावा किया है कि इसको देखकर दुश्मन के रडार गच्चा खा जाएंगे और ये रोबो शार्क उन्हें मार गिराएगा।

चीन के इस दावे के विपरीत अमेरिका और भारत सहित कई देशों ने ऐसी तकनीकि विकसित कर ली है जो ऐसे किसी भी रोबोट को हमला करने की परिधि में आने से पहले ही पहचानलेगी और किसी भी रोबोट को उसके सक्रिए होने से पहले ही खत्म कर देगी। अब चाहे वो चीन का रोबो शार्क ही क्यों न हो। भारत को रोबो शार्क की जानकारी 10 साल पहले हो चुकी थी। अमेरिका को जैसे ही यह जानकारी मिली थी, वैसे ही उसने रोबो शार्क से भी घातक  अंडर सी रोबोट बना डाला।

चीन ने इसी माह 5 जुलाई को अपने सातवें मिलिटरी इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी एक्सपो में यह रोबो शार्क दिखाया था। यह देखने में एकदम छोटे शार्क की तरह लगता है। इसे चीन के ही बोया गोंगदाओ रोबोट टेक्टनोलॉजी ने बनाया है। चीन का दावा है कि इस बेबी शार्क से दिखने वाले रोबोट की खासियत है कि यह बेहद कम आवाज करता है, लंबे समय तक पानी में रह सकता है और तेजी से काम करता है।

चीन का ये नया हथियार दूर से शार्क जैसा ही लगता है।  इसका इस्तेमाल चीन जहाजों और पनडुब्बियों की जासूसी के लिए करेगा। इस रोबोट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए टॉरपीडो फायर किया जा सकता है, जिससे दुश्मन के जहाज आसानी से तबाह हो सकते हैं। यह रोबोट समुद्र में 6 मील की गति से तैर सकता है। चीन ने ऐसा दावा किया है कि परीक्षण के दौरान यह रोबोट नकली पनडुब्बियों का पता लगाने में भी सफल रहा था। इसके अलावा रोबोट ने यह भी पता लगाया कि पनडुब्बी असल में कहां से आई है और उसपर सटीक टॉरपीडो फायर करने भी सक्षम रहा।

चीन को यह नहीं मालूम है कि अमेरिका को 2010 में चीन के इस रोबोटिक शार्क के बारे में पता चल गया था। इसलिए अमेरिका ने चीन को चकमा देने के लिए रोबो शार्क के शिकारी के तौर पर रैदियान बैराकुडा बना लिया है। ये ऐसा ड्रोन है जिसके सामने चीन का रोबो शार्क कहीं नहीं टिकता।