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Olympics के दंगल में उतरेगी हरियाणा की दो बेटियां, पहलवानी में बढ़ी पदक की उम्मीद

ओलंपिक के दंगल में उतरेगी हरियाणा की दो बेटियां

टोक्यो ओलंपिक में भारत को इस बार ज्यादा पदक की उम्मीद है। इस बार हरियाणा के 29 खिलाड़ियों ने ओलंपिक के लिए क्वाललीफाई किया है। हरियाणा के खिलाड़ी हर बार ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इस बार भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनसे पदक की उम्मीदें हैं। ऐसी हो दो खिलाड़ी हैं पहलवान अंशु मलिक और सीमा बिसला।

सीमा बिसला ने  50kg किलोभार में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है। सीमा बिसला ने कॉमनवेल्थ व एशियाड, नेशनल कुश्ती प्रतियोगिताओं में मेडल दिलवाए हैं। सीमा बिसला का जन्म 1993 में रोहतक जिले के छोटे से गांव गुढान में हुआ। सीमा के पिता आज़ाद बिसला खेती-बाड़ी करते हैं। सीमा के पांच भाई बहन हैं। सीमा को 12-13 साल की उम्र में ही कुश्ती के लिए अखाड़े में छोड़ दिया गया था। महिला पहलवान सीमा बिसला से उसके परिवार वालों, ग्रामीणों को पूरी पूरी उम्मीद है कि वे टोक्यो ओलंपिक में जरूर मेडल जीतकर लाएंगी।

हरियाणा के जींद जिले की पहलवान अंशु मलिक (Anshu Malik) से भी काफी उम्मीदें हैं। देशवासी अंशु मलिक से गोल्ड मेडल की आस लगाए बैठे हैं। चीते सी चपल फुर्ती, बाज सी तेज नजर, मजबूत पकड़ और सामने वाले के लिए खौफ का दूसरा नाम है अंशु मलिक। अंशु मलिक ने 57 किलोभार में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है। हरियाणा  के जींद जिले के छोटे से गांव निडानी से दंगल की शुरुआत करने वाली अंशु मलिक अब टोक्यो ओलंपिक का टिकट लेकर पोलैंड में प्रैक्टिस कर रही हैं।

अंशु मलिक को पहलवानी विरासत में मिली है। उनके ताऊ नेशनल लेवल के पहलवान थे और पिता भी पहलवान ही हैं। उन्होंने ही अंशु मलिक को शुरुआती दांव-पेच सिखाए थे। बता दें कि ओलंपिक टोक्यो में 23 जुलाई से 8 अगस्त तक ओलंपिक खेलों का आयोजन किया जाएगा।