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सच साबित हुई लादेन की सोच! बाइ़डेन के राष्ट्रपति बनते ही आतंकी जीत गए, अमेरिका हार गया!

लादेन सही सोचता था- बाइडेन प्रेसिडेंट बने और तालिबान जीत गया

अलकायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन जानता था कि अगर जो बाइडेन किसी तरह राष्ट्रपति बन जाए तो अमेरिका को उलझाया जा सकता है मतलब अमेरिका से जंग जीती जा सकती है। ओसामा ने इस बाबत अपने फॉलोअर्स को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उसने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके सीआईए डायरेक्टर डेविड पेट्रोस को कत्ल करने का हुक्म दिया था। ओसामा ने लिखा था कि बराक ओबामा के कत्ल होने के बाद बाइडेन राष्ट्रपति बनेगा और वो इस काबिल नहीं है कि अमेरिका को ठीक से चला सके। ओसामा बिन लादेन ने कहा था कि अमेरिका से जंग बाइडेन को राष्ट्रपति बनाकर ही जीती जा सकती है।

ओसामा बिन लादेन ने यह चिट्ठी भले ही दूसरी परिस्थितियों में लिखी हो लेकिन उसमें लिखी हुई बात सच हो गई। अफगानिस्तान में आतंकियों की जीत हो चुकी है। काबुल पर अलकायदा के दोस्त तालिबान काबिज हो चुका है। अलकायदा ने तालिबान को जीत की बधाई भी दी है। यहां एक बात और खास है वो यह कि तालिबान को अमेरिका ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की मदद से रूस के खिलाफ खड़ा किया था। अमेरिका को अहसास था कि तालिबान उसके इशारों पर ही चलेंगे। 9/11 के बाद ओसामा बिन लादेन को तोरा-बोरा की पहाड़ियों में तालिबान ने ही उसे पनाह दे दी। अमेरिका ने तालिबान से ओसामा को जिंदा या मुर्दा मांगा। इसके एवज में अमेरिका तालिबान को कुछ भी देने को तैयार था। आलम-ए-इस्लाम और जिहाद के आगे तालिबान ने अमेरिका को अंगूठा नहीं आंखें दिखानी शुरू कर दीं।

अमेरिका को हारकर अपने ही पाले हुए आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अफगानिस्तान में डेरा डालना पड़ा। अब उसी अफगानिस्तान में 40 फाइटर जेट, 24 अटैक हेलिकॉप्टर, ड्रोन, 12 होवित्जर तोप, सैकड़ों बख्तरबंद गाड़ियां, तमाम सर्विलांस इक्विपमेंट्स और हजारों अत्याधुनिक गन- कॉम्बेट राइफल छोड़कर अमेरिका भाग खड़ा हुआ। जिन लाखों अफगानियों ने तालिबान के खिलाफ अमेरिकी फौजों का साथ दिया उनका जीवन संकट में है। बाइडेन के राष्ट्रपति बनते ही ओसामा बिन लादेन की बात सच हो गई। तालिबान बिना लड़े ही केवल जीता ही नहीं बल्कि उसके हाथ बेशुमार दौलत और अत्याधुनिक हथियार गोला-बारूद भी लग गया है। एक बार फिर तालिबान के साथ अलकायदा, हक्कानी नेट वर्क और तमाम आतंकी संगठन इस्लाम और जिहाद के नाम पर नकेल कसने की कोशिश करेंगे।