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Budget 2021: मोदी सरकार ने अब तक पेश किए 8 बजट, जानिए क्या-क्या रही खासियत!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। (फोटो...गूगल)

मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2014 से लेकर अब तक 8 बजट पेश किए हैं। इन सालों में भाजपा के तीन वित्त मंत्रियों ने संसद के पटल पर आम बजट रखा। ये बजट वित्तमंत्री अरुण जेटली, पीयूष गोयल औऱ निर्मला सीतारमण के द्वारा पेश किए गए हैं। बता दें अब तक पेश किए गए 8 बजटों में से कोई भी वार्षिक बजट ग्रैंड इकोनॉमिक पॉलिसी स्टेटमेंट के रूप में सामने नहीं आया है। केंद्र सरकार की सभी बड़ी योजनाओं को बजट भाषण के बाहर ही लागू किया गया है।

आपको बता दें जनधन योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं को भी बजट में निर्धारित नहीं किया गया था। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय, नोटबंदी, जीएसटी,  और यहां तक कि कॉरपोरेट टैक्स रेट्स में कटौती भी बजट भाषण के बाहर ही हुई है। हर साल बजट में ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया गया था। इसके अलावा बजट स्पीच में फाइनेंशियल इंम्प्लीकेशन्स को भी शामिल नहीं किया गया था।

कैसा होगा इस बार का बजट

आपको बता दें पिछले साल एक सीआईआई (CII) कार्यक्रम में, सीतारमण ने कहा था कि इस बार वह ऐसा बजट पेश करेंगी जो "पहले कभी नहीं" पेश किया गया होगा. इस बजट में सभी की उम्मीदों पर विचार किया जाएगा। बता दें प्रधानमंत्री मोदी बजट भाषणों के माध्यम से अपनी आर्थिक नीतियों को स्थापित नहीं करते हैं बल्कि वह बजट में फिस्कल अर्थमैटिक फाइन ट्यूनिंग कर नियमों की जानकारी देने का प्रयास करते हैं।

2020 में पेश किए 4-5 मिनी बजट

वित्त मंत्री ने 2020 के अपने आखिरी बजट के बाद से कम से कम चार नीतिगत घोषणाएं प्रस्तुत की हैं। कोरोना काल में दिए गए राहत पैकेज को पीएम मोदी ने खुद को मिनी बजट कहा है इसलिए इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए यह इस सीरिज का पांचवां बजट होगा। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। कोरोना काल में वित्तमंत्री ने कृषि, श्रम, एमएसएमई में सुधारों के लिए कई बड़े ऐलान किए थे। इन मिनी बजटों के बाद नियामक क्षेत्रों में बदलाव भी देखने को मिले हैं। 2020 वित्त मंत्री के लिए कुछ अलग तरह के प्रयासों से भरा रहा है। इस साल कई राहत पैकेज से लेकर फाइनेंशियल प्लानिंग की गई है, जिससे सभी लोग कोरोना काल में अपना खर्च चला सकें।