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चीन में परिवार नियोजन बना अभिशाप, श्रीलंका की कुल आबादी के बराबर है चीन में कुवारों की संख्या

photo courtesy Google

जनसंख्या की जब भी बात होती है तो ज्यादा आबादी के कारण चीन का नाम जरुर लिया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि चीन में 3 करोड़ पुरुष ऐसे है, जिनकी शादी नहीं हो रही है। यानी वो कुंवारे है। 3 करोड़… ये संख्या श्रीलंका और नेपाल के कुल आबादी जितनी है। अविवाहित होने के पीछे का कारण बताने में चीन को शर्म आ रही है। लेकिन आज हम आपको बताएंगे चीन के 3 करोड़ पुरुषों के अविवाहित रहने का कारण ?, आखिर क्यों सबसे ज्यादा आबादी वाले चीन में 3 करोड़ युवक शादी के लिए घूम रहे है ?, चलिए जानते है।     

युवकों के अविवाहित रहने की वजह का खुलासा चीन की साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने किया है। उन्होंने बताया कि चीन ने लंबे समय से पुरुष शिशुओं को प्राथमिकता दी है। इसलिए लड़कों और लड़कियों की संख्या में जमीन-आसमान का फर्क है। चीन में लिंग अंतर का मुद्दा जोरो पर है। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा चीन की सातवीं राष्ट्रीय जनसंख्या जनगणना के मुताबिक, पिछले साल पैदा हुए 1.2 करोड़ बच्चों में से प्रत्येक 100 लड़कियों के लिए 111.3 लड़के थे। साल 2010 में ये अनुपात 118.1 से 100 था।

चीन में परिवार बेटियों के बजाय बेटों की इच्छा रखते है। आम तौर पर चीन में, पुरुष अपनी उम्र से बहुत कम उम्र की महिलाओं से शादी करते है, लेकिन जैसे-जैसे आबादी बढ़ती है, वैसे-वैसे और भी अधिक उम्र के पुरुष होते है, जिससे स्थिति और खराब होती जाती है। एक आकंड़े के मुताबिक, जब तक जन्म लेने वाले बच्चों की उम्र शादी करने की होगी तब तक संभावित दुल्हनों की भारी कमी हो जाएगी। पिछले साल पैदा हुए इन 1.2 करोड़ बच्चों में से 6 लाख लड़के बड़े होने पर अपनी ही उम्र का जीवनसाथी नहीं ढूंढ पाएंगे।

एनबीएस के मुताबिक, चीन की प्रजनन दर प्रति महिला 1.3 बच्चे थी, जो स्थिर आबादी को बनाए रखने के लिए आवश्यक 2.1 से काफी कम है। सामान्य वर्ग के पुरुषों को दुल्हन खोजने में सबसे ज्यादा कठिनाई का सामना करना पड़ता है।