Hindi News

indianarrative

America ने दी China को चेतावनी, कहा- Taiwan के लिए हम अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे!

Taiwan पर हमले की तैयारी में चीनी सेना कर रही रिहर्सल

दूसरे देशों को हड़पने की ड्रैगन की भूख इन दिनों बढ़ती ही जा रही है। ताइवान पर पूरी तरह से अपने कब्जे में लेने के लिए चीन अपने सैनिकों को किसी भी वक्त हमले के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। इसके साथ ही ताइवान के पास हाल ही में चीनी सेना ने युद्ध अभ्यास किया है जो काफी हद तक एक 'रिहर्सल' जैसा था। इस बात को लेकर अमेरिका ने आगाह करते हुए चीन को चेतावनी दी है।

यह भी पढ़ें- America का बड़ा दावा- Russia ने कर ली है पूरी तैयारी

अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन (Lloyd Austin) ने ताइवान पर बढ़ते चीनी खतरे पर चेतावनी देते हुए कहा है कि ताइवान का अमेरिका मजबूती से समर्थन करता रहेगा। राष्ट्रपति जो बाइडेन के पेंटागन प्रमुख ने कहा कि अमेरिका 'ताइवान की अपनी रक्षा करने की क्षमता' का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑस्टिन ने अपने एक भाषण में चीन से मिल रही चुनौतियों पर बात करते हुए कहा कि, अमेरिका का उसके साथ किन वहजों से विवा हो रहा है। कैलिफोर्निया के सिमी वैली में रीगन प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी में एक राष्ट्रीय रक्षा फोरम में संबोधित करते हुए ऑस्टिन ने कहा कि, हाल के महीनों में, चीनी सेना ने ताइवान के पास समुद्री और हवाई सैन्य अभियानों में तेजी दिखाई है। उसके ये सभी अभियान बेहद आक्रामक थे। इस बीच चीन के लड़ाकू विमानों ने कई बार ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की। उन्होंने कहा कि, ऐसा लगता है कि वे अपनी क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं। ये किसी रिहर्सल जैसा है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि, हम ना तो टकराव चाहते हैं और ना ही संघर्ष, हम एक नए शीत युद्ध या कठोक गुटों में विभाजित दुनिया की तलाश नहीं कर रहे हैं। अमेरिकी चीनी चुनौती का सामना करने के लिए मि6 देशों के साथ अपने संबंधों को गहरा करेगा। हम अपनी वन चाइना पॉलिसी पर दृढ हैं। लेकिन ताइना की खुद की रक्षा करने की क्षमता का समर्थन भी करते रहेंगे।

यह भी पढ़ें- US के अलावा ये भी बड़े देश आए एक्शन में, Taliban से कहा- 'सुधर जाओ और जो कहा जा रहा वो करो'

ताइवना पर चीन अपना दावा कर रहा है। उसका कहना है कि वह इसे अपनी मुख्यभूमि में शामिल कर लेगा। जबकि, ताइवान खुद को स्वतंत्र देश बताता है जिसे अमेरिका का समर्थन प्राप्त है। ऑस्टिन ने कहा कि, चीन एकमात्रा ऐसी शक्ति है, जो अब अपनी आर्थिक, राजनयिक, सैन्य और तकनीकी शक्ति का इस्तेमाल कर एक स्थिर और खुली अंतरराष्ट्रीय प्रणाली में निरंतर चुनौती का सामना करने में सक्षण है। वहीं, कुछ विश्लेषकों का तो यह भी मानना है कि चीन इस वक्त जो बाइडेन के काम करने के तरीकों को टेस्ट कर रहा है। वह देखना चाहता है कि ताइनाव को लेकर बाइडन का क्या प्रतिक्रिया होगा।