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Pak के पूर्व पीएम को G-20 में पाकिस्तान के शामिल नहीं होने का मलाल, कहा-मेरी सरकार होती तो जरूर शामिल होते।

Pak के पूर्व पीएम को जी-20 में शामिल नहीं होने का मलाल!

Pak के पूर्व पीएम को पाकिस्तान का G-20 में शामिल नहीं होना नागवार गुजरा, उन्होंने इस सम्मेलन में पाकिस्तान के शामिल नहीं होने पर अफसोस भी जताया है। पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ इन दिनों लंगन में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं, हालांकि अक्टूबर में वतन वापसी की उम्मीद जताई जा रही है। उन्होंने जी20 को लेकर बड़ी बातें कही है।

Pak के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने G-20 के सफल आयोजन को लेकर भारत को बधाई दी है। साथ ही इस आयोजन में पाकिस्तान के शामिल नहीं होने को लेकर भी बड़ी बातें कही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इस सम्मेलन में शामिल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे Pakistan  के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के मुखिया नवाज शरीफ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान में भी G-20  आयोजित करने की क्षमता है अगर राजनीतिक हालात अनुकूल हों तो।

बता दें कि G-20 सम्मेलन की अध्यक्षता के लिए दुनिया भर से भारत को बधाई मिल रही है,तो वहीं पाकिस्तान सिर्फ हाथ मलता रह गया। जी-20 सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान ही इकलौता देश रहा जिसका जिक्र तक नहीं किया गया। लेकिन इसके नेताओं को लगता है कि पाकिस्‍तान में वह क्षमता है कि ऐसे आयोजन हो सकें।

पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता जिम्मेदार

नवाज शरीफ का कहना है कि अगर देश में राजनीतिक हालात 2017 जैसे होते तो इस सम्मेलन की मेजबानी पाकिस्तान भी कर रहा होता। मीडिया ने नवाज से सवाल किया कि पाकिस्तान में शामिल नहीं हो रहा, इसपर नवाज शरीफ ने कहा कि ‘अगर वहां मेरी सरकार होती तो पाकिस्तान जी-20 की मेजबानी करता। उन्होंने कहा कि उनकी नेतृत्व वाली नीतियां वहां होती तो आज पाकिस्तान जी20 में शामिल हो गया होता या होने वाला होता।’

पाक के पूर्व वित्त मंत्री इशाक डार ने भी भारत को दी बधाई

वहीं, Pak के पूर्व वित्त मंत्री इशाक डार ने G-20  शिखर सम्मेलन को भारत के लिए बड़ी कामयाबी करार दिया है। उन्होंने कहा ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों दुनिया के 20 शीर्ष अर्थव्‍यवस्‍था वाले देशों के नेताओं का स्‍वागत किया। इस सम्‍मेलन का घोषणा पत्र उनके लिए बड़ी कूटनीतिक जीत साबित हुआ। इस घोषणा में यूक्रेन युद्ध के बारे में तो बात हुई लेकिन रूस का जिक्र नहीं हुआ।  वहीं, उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान में पीएमएल-एन सत्ता में थी तो देश दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं का हिस्सा बन रहा था।

जी-20 शिखर सम्मेलन के जरिए चीन-पाकिस्तान को बड़ा मैसेज

विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि भारत सरकार इस आयोजन के साथ ही दुनिया में अपने देश की छवि को मजबूत करने में कामयाब रहा है। साथ ही जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन से भारत चीन के खिलाफ उभरती हुई ताकत के तौर पर भी पेश करने में सफल साबित हुआ है। इस शिखर सम्मेलन में कई मुद्दों पर चर्चा की गई,लेकिन जो चीन के लिए सबसे परेशानी वाला रहा वो ये कि 10 सितंबर को वर्ल्‍ड लीडर्स की मौजूदगी में मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया को जोड़ने वाले एक मल्‍टीनेशनल रेल और बंदरगाह सौदे की घोषणा  की गई। इस ऐलान के बाद माना जा रहा है कि ये चीन के BRI प्रोजेक्ट के लिए करारा जवाब है।

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