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संयुक्त राष्ट्र में गूंजी आवाज, गिलगिट बालटिस्तान को करो आजाद

संयुक्त राष्ट्र में गूंजी आवाज, गिलगिट बालटिस्तान को करो आजाद

गिलगिट बाल्टिस्तान को पाकिस्तान में शामिल करने की पाकिस्तानी साजिश के बीच गिलगिट बाल्टिस्तान के आंदोलनकारियों ने भारत में शामिल होने की मांग उठाई है। पाकिस्तान के शोषण और अनाधिकृत कब्जे के खिलाफ संघर्षशील अय्यूब मिर्जा ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में जोर देकर कहा है कि गिलगिट बालटिस्तान को भारत में विलय किया जाए। अय्यूब मिर्जा ने कहा कि दुनिया ने गिलगिट बालटिस्तान की चीखें सुनकर भी आँखें मूंद ली हैं। पाकिस्तान की तान पर सम्मोहित हो गये हैं।

अय्यूब ने बताया कि पाकिस्तान ने गिलगिट बालटिस्तान में स्कूल बंद कर दिए हैं। ताकि टीचर्स को तनख्वाह ने देनी पड़े। जो लोग अपने पैसों से स्कूल स्कूल खोलना चाहते हैं उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने कहा कि गिलगिट बालटिस्तान के लोग आजादी चाहते हैं। अपने और अपने बच्चों की जिंदगी को आजाद करना चाहते हैं। मिर्जा ने कहा कि पाकिस्तान ने हमारी जमीनों को चीन के हवाले कर दिया है। हमें अपना ही नहीं चीन का गुलाम बना दिया है। हमारे बच्चों को 70-70 की कैद की सजाएं दी जारही हैं। उनका कसूर सिर्फ इतना है कि उन्होंने पाकिस्तान की हरकतों का विरोध किया था। पाकिस्तानी आर्मी बहन-बेटियों के साथ गंदा सलूक करती हैं। मीरपुर जैसे शहरों में पीने का पानी नहीं है। कत्लखानों का पानी पीने के पानी लाइन में मिल गयी हैं।

अय्यूब मिर्जा ने तनवीर अहमद नाम के एक शख्स की कहानी सुनाई और उसकी तस्बीर दिखाई। तनबीर ने पाकिस्तान का झंडा मीरपुर के किसी सरकारी दफ्तर से हटा दिया था। इस अपराध में उसे मीरपुर जेल के डेथ सेल में डाल दिया गया है।

ध्यान रहे, पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां सूबा घोषित कर वो कानूनी अधिकार चाहता है, जिससे वो सूबे की ज्यादा से ज्यादा ज़मीन चीन को दे सके। इसके अलावा सीपेक लिए और जमीनों को चीन के हाथों गिरबी रखना चाहता है।.