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इंडिया की चीन को सीधी चेतावनी से चीन के उड़े होश, 10 किलोमीटर के आस-पास दिखाई दिया कोई फाइटर जेट तो उड़ा दिया जाएगा

इंडिया की चीन को सीधी चेतावनी से चीन के उड़े होश

चीन को लेकर भारत ने कड़ा रूख किया है। भारत ने चीन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि, सीमा के 10 किलोमीटर के आस-पास दिखाई दिया कोई फाइटर जेट तो भारतीय सेना इस पर बड़ा एक्शन लेगी। दरअसल, इंडिया और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख स्थित चुशूल मोल्डो में सैन्य स्तरीय विशेष वार्ता हुई है। जिसमें भारत ने बिते 45 दिनों में चीन की वायु सेना द्वारा किए गए हवाई सीमा के उल्लंघन पर सख्त ऐतराज जताया है।

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बता दें कि, पिछले डेढ़ माह से चीन एलएसी पर बनाए गए नियम कानून का उल्लघन कर रहा है। चीन के फाइटर जेट अंदर तक आ गए थे जिसे भारतीय वायुसेना ने चीन के लड़ाकू विमानों को इलाके से खदेड़ दिया था। भारत और चीन की बीच विश्वास कायम रखने के उपायों के तौर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के 10 किलोमीटर के अंदर ही लड़ाकू विमान उड़ाने पर सहमति है, लेकिन चीनी विमानों ने बीते डेढ़ माहों में इसका उल्लंघन किया है। भारत ने इसे भड़काने वाले हरकत बताते हुए चीनी सैन्य अधिकारियों के समक्ष सख्त आपत्ति प्रकट की। सूत्रों की ओर से कहा गया है कि, भारतीय पक्ष ने चीन से कहा कि वह वायु क्षेत्र के उल्लंघन जैसी उकसाने वाली गतिविधियों से परहेज करे।

इस विशेष वार्ता में दोनों देशों के वायुसेना अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। साथ ही सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे। भारतीय पक्ष की ओर से एय़र कमाडोर अमित शर्मा मौजूद थे। भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व फायर एंड फ्यूरी कोर के तहत लेफ्टिनेंट जनरल ए सेनगुप्ता के नेतृत्व में मेजर जनरल रैंक के एक अधिकारी ने किया। चर्चा के दौरान चीनी पक्ष ने तिब्बत में अपनी वायु सेना के विमानों का पता लगाने की भारतीय वायुसेना की क्षमता पर ऐतराज जताया। चीन इसकी लगातार शिकायत कर रहा है। भारत व चीन की वायु सेना के बीच टकराव जून में शुरू हुआ था। 25 जून को चीनी वायुसेना का एक J-11 लड़ाकू विमान पूर्वी लद्दाख में तनाव वाले क्षेत्र के बहुत करीब से सुबह 4 बजे उड़ा था। इसे वायुसेना के जवानों और रडार ने तुरंत पकड़ कर सतर्क किया था।

चीनी वायुसेना द्वारा हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की गतिविधियां एक माह से अधिक समय तक जारी रही थीं। इसी दौरान भारतीय वायु सेना के मिराज 2000 और मिग-29 सहित अन्य लड़ाकू विमानों को मौके पर भेजकर जोरदार जवाब दिया था। चीन को भारतीय वायुसेना की ओर से मिली इस तीखी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी। सूत्रों के मुताबकि भारतीय वायुसेना सावधानी बरत रही है कि जमीन पर मामला न बढ़े और साथ ही चीन की हवाई गतिविधियों पर भी नजर रखी जाए। भारतीय वायुसेना पीएलएएफ के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने को तैयार है।

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वहीं, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने कहा था कि भारत एलएसी के पार की हवाई गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है। जैसे ही हम एलएसी पर कोई चीनी गतिविधि देखते हैं, अपने लड़ाकू विमान तैनात कर देते हैं। भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर रडार लगा रही है, ताकि हम हवाई क्षेत्र में होने वाली किसी भी गतिविधि पर नजर रख सके। साथ ही उन्होंने कहा कि, जब हम चीनी विमान या रिमोट संचालित पायलट एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) को एलएसी के बहुत करीब आता देखते हैं तो उचित कदम उठाते हैं। हमने खदेड़ने या हमारे सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखने के उपाय किए हैं। इनसे चीनी विमानों का हवाई उल्लंघन काफी हद तक रूक गया है।