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आतंकी संगठनों का नया पैंतरा, आतंक फैलाने के लिए ट्रांसजेंडरों की कर रहे भर्ती

इस्लामिक ग्रुप

इस्लामिक ग्रुप आतंक फैलाने के लिए नए-नए तरीके ढूढ़ते रहते हैं। बांग्लादेश के आतंकी ग्रुप्स अब अपने संगठन में ट्रांसजेंडर की भर्ती कर रहे हैं। यह खुलासा होने के बाद बांग्लादेश के सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। दरअल हाल में ही दो आतंकियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जिसने यह खुलासा करते हुए कहा कि वो ट्रांसजेंडर को अपने संगठन में शामिल करने के लिए भर्ती अभियान चला रहे थे। इन आतंकियों से मिली जानकारी के बाद बांग्लादेश सरकार और पुलिस दोनों हैरान हैं।

खबरों की मानें तो अंसारुल्लाह बांग्ला टीम, हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी जैसे आतंकी संगठन ढाका में शहर के प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बना रहे हैं। जिसमें ब्लॉगर, जर्नालिस्ट, साइंटिस्ट भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आतंकियों ने बताया कि वो अपने साथ ट्रांसजेंडर को जोड़कर उन्हें ट्रेनिंग देकर आतंकी बनना चाहते हैं। ढाका की रहने वाली ट्रांसजेंडर नूर जहां ने एक न्यूज ऐजेंसी से बात करते हुए बताया कि हाल में ही उन्हें ऐसे एक ग्रुप ऑफर मिला था। उन्होंने बताया कि उनसे कुछ कुरान पाठों में भाग लेने के लिए कहा गया था।

नूर जहां ने आगे बताया कि वो इस तरह की संगठन के कामों से वाकिफ थी जिसके चलते उन्होंने इस कोर्स में शामिल होने से मना कर दिया। पुलिस का कहना है कि इस तरह के इस्लामिक संगठन कई और तरह के संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त हैं। जिसमें कुरान पढ़ाना और COVID-19 से संबंधित जरूरतों के लिए धन जुटाना शामिल है।

बांग्लादेश सरकार के आंकड़ों के अनुसान देश में 10 हजार किन्नर हैं, हालांकि कई NGO ने दावा किया है कि यह आंकड़ा सही नहीं है और इनकी संख्या 50 हजार के करीब है। इस तरह की इस्लामिक संगठनों का मेन गोल देश को मुस्लिम देश बनाने का है। वो देश में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं और इसके लिए वो आम लोगों को निशाना बना रहे हैं।