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Nepal: धान के खेतों में ‘कीचड़ वाली होली’ क्यों खेलते हैं नेपाली लोग? एक-दूसरे के गालों पर मलते है गीली मिट्टी

धान के खेतों में ‘कीचड़ वाली होली’

नेपाल में हर साल धान दिवस मनाया जाता है। कोरोना के बीच इस साल भी राष्ट्रीय धान दिवस मनाया गया। इस दिन लोग एक दूसरे को कीचड़ लगाते हैं। ये धान की खेती के सीजन की शुरुआत होने के अवसर पर मनाया जाता है। कोरोनावायरस के मद्देनजर कृषि विभाग ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी प्रभागों से कहा था कि वे हर जिले में महामारी को ध्यान में रखते हुए एक सीमा के भीतर ही कार्यक्रमों का आयोजन करें। हालांकि, कई जगहों पर कोरोना का प्रभाव देखने को नहीं मिला।

नेपाल में इस साल 'राष्ट्रीय धान दिवस' 'धान उत्पादन में वृद्धि: खाद्य सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और समृद्धि' के नारे के साथ मनाया गया। कोरोना को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने स्वास्थ्य प्रोटोकॉल को लागू किया। लोगों से कहा गया कि वे कम से कम संख्या में इस महोत्सव का आयोजन करें। 'राष्ट्रीय धान दिवस' के दौरान लोगों को धान के खेतों में एक दूसरे के साथ रेस लगाते हुए देखा गया। वहीं, लोगों ने एक दूसरे पर कीचड़ फेंका और होली की तरह इस महोत्सव को मनाया। कई लोगों ने एक दूसरे को खेतों में जमा हुए कीचड़ में उठाकर फेंका।

धान की खेती के अवसर पर होने वाले इस महोत्व के दौरान लोगों ने धान से बनी हुई शराब को भी पीया। लोगों ने एक पारंपरिक जार में करके इस शराब को पीया और महोत्सव में भाग ले रहे अन्य लोगों को पिलाया। नेपाल में खेती योग्य भूमि के 47 फीसदी हिस्से पर धान की खेती की जाती है। नेपाल में हर साल धान की अच्छी पैदावार होती है। कृषि विभाग का कहना है कि पिछले एक सालों में धान की फसल में 1.3 फीसदी का इजाफा हुआ है।