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गुलाम कश्मीर के PM राजा फारूख हैदर की पाकिस्तान के खिलाफ बगावत, इमरान खान को दी नतीजे भुगतने की धमकी

गुलाम कश्मीर, राजा फारूक vs इमरान खान

गुलाम कश्मीर और पाकिस्तान की इमरान सरकार के बीच तलवारें खिंच चुकी है। गुलाम कश्मीर (POK) के पीएम राजा फारुख हैदर भी पाकिस्तान के साथ दो-दो हाथ करने का मूड बना चुके हैं। राजा हैदर के सामने समस्या है कि उन्होंने पाकिस्तान के साथ सह अस्तित्व की बात स्वीकार की है और दूसरी बात यह कि अगर वो खुली बगावत करते हैं तो हिंदुस्तान की तरफ से उन्हें मदद मिल भी पाएगी या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। क्यों कि 1947 के बाद से अभी तक पाकिस्तान भारत के खिलाफ मीरपुर और मुजफ्फरपुर के लोगों के कंधे इस्तेमाल करता रहा है। यही वजह है कि भारत में भी उनको लेकर अविश्वास है।

 

बहरहाल, राजा हैदर ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार गुलाम कश्मीर के लोगों के हक-हकूक पर डाका डाल रही है। राजा फारूख ने कहा है कि गुलाम कश्मीर का अपना संविधान है। इमरान सरकार लगातार गुलाम कश्मीर (POK) के साथ दोहरा बर्ताव कर रही है। इसी साल जुलाई में गुलाम कश्मीर में चुनाव होने हैं। इससे पहले पीएम राजा हैदर की सरकार को आखिरी बजट पेश करना था। लेकिन इमरान सरकार के नाजायज हस्तक्षेप से पीएम राजा हैदर की कैबिनेट नाराज हो गई और संसद का सत्र बिना बजट पास किए ही स्थगित कर दिया। राजा हैदर ने कहा कि पाकिस्तान सरकार पीओके को हड़पना चाहती है। गुलाम कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान सरकार के इस कदम के लिए मजबूती से खड़ा होना होगा।

 

गुलाम कश्मीर के पीएम राजा फारूख हैदर ने कहै है पाकिस्तान सरकार गुलाम कश्मीर के लोगों के अधिकारों पर डाका डाल रही है। राजा फारूख हैदर ने कहा कि सरकार ने पिछले बजट में जितने भी प्रोजेक्ट तैयार किए थे उन सब को इमरान सरकार ने हिलगाकर अरबों रुपये बर्बाद कर दिए हैं। राजा हैदर ने कहा कि गुलाम कश्मीर के लिए रखे गए बजट में से इमरान सरकार ने 5 अरब रुपए निकाल कर अपने नेताओं में बांट दिए हैं। इस रकम का दुरुपयोग आने वाले चुनावों में होगा। 

 

ध्यान रहे लगभग 15 दिन  पहले पाकिस्तान के एनसीओसी (नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर)  ने गुलाम कश्मीर के चुनावों को दो महीने टालने का फरमान सुना दिया था। इस पर राजा फारूख ने सख्त रुख अपनाया था और पूछा कि एनसीओसी कौन है जो उन्हें फरमान सुना रहा है। राजा फारूख ने कहा था कि गुलाम कश्मीर (पीओके) का अलग अस्तित्व है। अलग संविधान से के साथ पीओके ( गुलाम कश्मीर की सरकारें खुद को आजाद कश्मीर मानती हैं) ने पाकिस्तान के साथ सहअस्तित्व की बात स्वीकारी थी। लेकिन शर्त यह थी कि पाकिस्तान सरकार कभी उसे अपने अधीन राज्य नहीं बनाएगी। राजा फारूख ने कहा कि पाकिस्तान की इमरान सरका गुलाम कश्मीर को हड़प करना चाहती है, लेकिन गुलाम कश्मीर के लोग ऐसा कभी नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इमरान सरकार की नीयत में खोट है।