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China के पदचिह्नों Taliban, अफगानियों में दहशत के लिए US Army ड्रेस में तालिबानी कमाण्डो के प्रोपेगंडा Videos

यूएस आर्मी ड्रेस में तालिबानी लड़ाके

काबुल के लोगों में दहशत भरने और भ्रम की स्थिति पैदा करने के लिए तालिबान चीन के पदचिह्नों पर चलने लगा है मतलब जिस तरह से चीन प्रोपेगंडा वॉर चलाता है ठीक उसी तरह से अब तालिबान भी प्रोपेगंडा चला रहा है। तालिबान ने अपनी कथित 313 बद्री ब्रिगेड के वीडियो जारी किए हैं।

इन वीडियो में तालिबान के कमाण्डो हाई-फाई टेक्नोलॉजी और उपकरणों से लैस दिखाई दे रहे हैं। ये कमाण्डो बिल्कुल वैसे ही दिखाई दे रहे हैं जैसे अमेरिकी कमाण्डो होते हैं। इस वीडियो को तालिबान ने कुछ चैनलों पर प्रसारित किया है। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबित तालिबानी कमाण्डो पारंपरिक कपड़ों और एके-47 असॉल्ट राइफलों में देखे जाते हैं, लेकिन ये कमाण्डो एम4 और एम-16 असॉल्ट राइफलें, बुलेटप्रूफ जैकेट और नाइट विजन गॉगल्स वाले हेलमेट पहने हुए हैं।

'हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि कमाण्डो यूनिफॉर्म पहन लेना और कमाण्डो की तरह परफॉर्म करने में बहुत फर्क है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक अफगानिस्तान में "जो कुछ भी रह गया है। अभी तक कोई निश्चित संख्या तो नहीं है, लेकिन आकलन यह है कि करीब 2,000 से अधिक बख्तरबंद वाहनों को अब तालिबान के कब्जे में है।

इनमें यूएस ह्यूवेस और यूएच -60 ब्लैक हॉक्स के अलावा स्काउट अटैक हेलीकॉप्टर और स्कैनईगल सैन्य ड्रोन सहित संभावित रूप से 40 फाइटर प्लेन भी शामिल हैं। यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव फॉरेन अफेयर्स कमेटी के शीर्ष रिपब्लिकन माइकल मैककॉल ने कहा, "हमने पहले ही तालिबान लड़ाकों को यूएस-निर्मित हथियारों से लैस देखा है, जिन्हें उन्होंने अफगान बलों से जब्त किया था। 

अमेरिका ने 2002 और 2017 के बीच अफगानिस्तान को करीब 28 बिलियन डॉलर के हथियार और सैन्य उपकरण दिए हैं। इनमें बंदूकें, रॉकेट, नाइट-विज़न गॉगल्स और खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए छोटे ड्रोन दिए हैं।