Hindi News

indianarrative

Taliban के बंदूक की गोली से भी तेज है इन Afghan महिलाओं की बोली, राष्ट्रपति आवास को घेरा

काबुल की सड़कों पर उतरी महिलाएं

तालिबान के अफगानिस्तान में आने के बाद से देश में कई मोर्चों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। खास कर के महिलाएं अपने अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर आ गई है। ये महिलाएं अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अपने हकों, अधिकारों के लिए प्रदर्शन करती देखी गईं।  ये महिलाएं काबुल के वजीर अकबर खान इलाके में जुटी थीं। महिलाओं की मांग है कि अफगानिस्तान से जुड़े अहम मसलों पर महिलाओं की भी राय ली जाए।

काबुल में महिलाओं के अधिकारों की आवाज उठा रहीं एक्टिविस्ट को तालिबानियों ने आंसू गैस छोड़कर रोकने की कोशिश की है। दो दिन से प्रदर्शन कर रहीं इन महिलाओं का कहना है कि नई सरकार में उनकी भागीदारी होनी चाहिए और अहम भूमिका मिलनी चाहिए। दो दिन से प्रदर्शन कर रहीं इन महिलाओं का कहना है कि नई सरकार में उनकी भागीदारी होनी चाहिए और अहम भूमिका मिलनी चाहिए।

इससे पहले तालिबान के राज में महिलाओं पर कई पाबंदियां लगाई गई थीं। लेकिन तालिबान का राज खत्म होने के बाद महिलाओं ने अपनी पढ़ाई भी पूरी की और कई क्षेत्रों में नौकरियां भी कर रही थीं। लेकिन एक बार फिर से तालिबान का राज आने के बाद महिलाओं को सबकुछ खत्म होने का डर सता रहा है। महिलाओं ने प्लेकार्ड दिखाते हुए मांग की है कि अफगान की राजनीति, शासन और अर्थव्यवस्था से जुड़े फैसलों में उनको अपनी भी हिस्सेदारी चाहिए। महिलाओं ने मांग की है कि आने वाली सरकार (तालिबान) उनको भूल ना जाए। हालांकि, महिलाओं ने प्रदर्शन में सीधे तौर पर तालिबान का नाम नहीं किया। लेकिन फिर भी ऐसा  प्रदर्शन वहां बड़ी बात है।